देश की खबरें | ओडिशा में वर्ष 2006 से अब तक 582 माओवादी कैडर ने किया आत्मसमर्पण: मुख्यमंत्री
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. ओडिशा में वर्ष 2006 से लेकर जनवरी 2025 के बीच कुल 582 भाकपा (माओवादी) कैडर ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य विधानसभा में यह जानकारी दी।
भुवनेश्वर, 17 फरवरी ओडिशा में वर्ष 2006 से लेकर जनवरी 2025 के बीच कुल 582 भाकपा (माओवादी) कैडर ने आत्मसमर्पण किया है। मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने सोमवार को राज्य विधानसभा में यह जानकारी दी।
कांग्रेस विधायक मंगू खिल्ला के प्रश्न के उत्तर में मुख्यमंत्री ने बताया कि आत्मसमर्पण करने वाले 582 माओवादियों में से 364 व्यक्तियों को आत्मसमर्पण लाभ प्रदान किया गया है। इस संबंध में कुल 9.62 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं।
राज्य सरकार वर्ष 2006 से 'आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति' लागू कर रही है ताकि भाकपा(माओवादी) संगठन से जुड़े और राज्य व प्रशासन के खिलाफ सशस्त्र संघर्ष में शामिल माओवादी कैडरों को मुख्यधारा में वापस लाया जा सके।
माझी ने बताया कि इस नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वाले पात्र लोगों को विभिन्न लाभ प्रदान किए जाते हैं।
इसके तहत सरकार 2.50 लाख रुपये तक की वित्तीय सहायता देती है।
उन्होंने बताया कि यदि आत्मसमर्पण करने वाला कोई कैडर अपनी पढ़ाई जारी रखना चाहता है तो उसे 3,000 रुपये की शैक्षिक सहायता दी जाती है।
इसके अलावा, व्यावसायिक प्रशिक्षण के तहत अधिकतम 36 महीने तक 6,000 रुपये प्रति माह दिए जाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि आत्मसमर्पण करने वाले किसी कैडर की शादी हुई है और उसका जीवनसाथी जीवित नहीं है तो विवाह के लिए 25,000 रुपये की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाती है।
उन्होंने बताया, 'आत्मसमर्पण और पुनर्वास नीति' माओवाद विरोधी समग्र कार्ययोजना का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इसके तहत राज्य में माओवादी समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया गया है। विशेष रूप से मलकानगिरी जिले के स्वाभिमान अंचल (जो पहले माओवादियों का गढ़ माना जाता था) और कोरापुट जिले के नारायणपटना-बंधुगांव क्षेत्र में आए ऐतिहासिक बदलाव को इस नीति की सफलता के रूप में देखा जा सकता है।
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