ताजा खबरें | भारत में 40 प्रतिशत वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस विदेश में प्रशिक्षित कैडेट को दिया गया : सरकार
Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. सरकार ने सोमवार ने कहा कि भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा करीब 40 प्रतिशत वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस विदेशी फ्लाइंग स्कूलों में प्रशिक्षित कैडेट को प्रदान किये गए हैं।
नयी दिल्ली, 13 दिसंबर सरकार ने सोमवार ने कहा कि भारतीय विमानन नियामक डीजीसीए द्वारा करीब 40 प्रतिशत वाणिज्यिक पायलट लाइसेंस विदेशी फ्लाइंग स्कूलों में प्रशिक्षित कैडेट को प्रदान किये गए हैं।
नागर विमानन राज्य मंत्री वी के सिंह ने राज्यसभा को एक प्रश्न के लिखित उत्तर में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि यद्यपि, केंद्र ने भारत में प्रशिक्षित पायलटों की संख्या बढ़ाने के लिए कुछ कदम उठाए हैं।
उन्होंने कहा कि भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (एएआई) ने पिछले साल 25 सितंबर को उदारीकृत फ्लाइंग प्रशिक्षण संगठन (एफटीओ) नीति जारी किया था। उन्होंने कहा कि इस नीति में एफटीओ द्वारा एएआई को राजस्व हिस्से के भुगतान को समाप्त कर दिया गया है और भूमि किराये को काफी तर्कसंगत बनाया गया है।
सिंह ने कहा, ‘‘वर्तमान में नागर विमानन महानिदेशालय (डीजीसीए) द्वारा जारी किए गये कुल कमर्शियल पायलट लाइसेंस में विदेशों में प्रशिक्षण प्राप्त कैडेटों की संख्या लगभग 40 प्रतिशत है।’’
मंत्री ने कहा कि एएआई ने नौ एफटीओ को 31 मई और 29 अक्टूबर को अनुमति पत्र प्रदान किए गये तथा इन एफटीओ को बेलगावी (कर्नाटक), जलगांव (महाराष्ट्र), कलबुर्गी (कर्नाटक), खजुराहो (मध्य प्रदेश) एवं लीलाबाड़ी (असम) में स्थापित किया जाएगा।
सिंह ने बताया कि उदारीकृत नीति के तहत 15 अगस्त को कलबुर्गी में दो एफटीओ का ‘‘साफ्ट लांच’’ हुआ है। मंत्री ने कहा, ‘‘भारत की सबसे बड़ी फ्लाइंग अकादमी..अमेठी की इंदिरा गांधी राष्ट्रीय उड़ान अकादमी को गोंदिया (महाराष्ट्र) एवं कलबुर्गी (कर्नाटक) में पायलट प्रशिक्षण शुरू करने की अनुमति दी गयी। साथ ही उसे उड़ान घंटे और विमानों का उपयोग बढ़ाने को कहा गया है जो जाड़ों के महीनों में दृश्यता के मुद्दों के कारण बुरी तरह प्रभावित होते हैं।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)