विदेश की खबरें | प्रकृति के मूल्य से जुड़े पहले दिशानिर्देश पर 139 देश सहमत
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. दिशानिर्देश संबंधी इस रिपोर्ट का 139 देशों ने समर्थन किया है जिसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देश भी शामिल हैं। ये 139 देश संयुक्त राष्ट्र समर्थित जैवविविधता और पारिस्थितीकीय तंत्र सेवा आधारित अंतरसरकारी विज्ञान-नीति मंच (आईपीबीईएस) के सदस्य हैं।
दिशानिर्देश संबंधी इस रिपोर्ट का 139 देशों ने समर्थन किया है जिसमें अमेरिका, रूस, चीन, फ्रांस, ब्रिटेन और जर्मनी जैसे देश भी शामिल हैं। ये 139 देश संयुक्त राष्ट्र समर्थित जैवविविधता और पारिस्थितीकीय तंत्र सेवा आधारित अंतरसरकारी विज्ञान-नीति मंच (आईपीबीईएस) के सदस्य हैं।
रिपोर्ट के लेखक को उम्मीद है कि विशेषज्ञों की मदद से तैयार यह दिशानिर्देश सरकार के लिए यह आसान बना देगा कि वह किसी परियोजना के केवल आर्थिक लाभ से अधिक पर विचार करे, खासकर तब जब सरकार को यह फैसला करना होता है कि परियोजना पर कैसे आगे बढ़ा जाए।
इसमें यह पता लगाना शामिल है कि जलविद्युत बांध जैसी परियोजना से स्थानीय समुदायों को कैसे लाभ या हानि होगी। यह एक ऐसी स्थिति है जिसने अतीत में कारोबारियों, नागरिकों और अधिकारियों के बीच नियमित टकराव को जन्म दिया है।
मेक्सिको के राष्ट्रीय स्वायत्तशासी विश्वविद्यालय से जुड़ीं रिपोर्ट की सह-लेखक पेट्रीसिया बलवनेरा ने कहा, ‘‘इन गैर-आर्थिक लाभों का अनुमान लगाने के लिए सरकारों के लिए एक निर्धारित तरीका निर्धारित करने के बजाय, रिपोर्ट उन्हें अक्सर जटिल मूल्यांकन प्रक्रिया के माध्यम से काम करने के लिए उपकरण प्रदान करती है।’’
उन्होंने कहा कि रिपोर्ट निर्णय लेने वालों को उन जटिल स्थितियों से निपटने के लिए एक रोडमैप प्रदान करती हैं, जिसका वे हर दिन सामना करते हैं।
स्पेन के बिलबाओ में बास्क सेंटर फॉर क्लाइमेट चेंज के फेलो लेखक उनाई पास्कुअल ने कहा कि रिपोर्ट को मिली मंजूरी सरकारों द्वारा प्रकृति को देखने के तरीके के लिहाज से ‘मील का पत्थर’ है।
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