COVID-19: दिल्ली के अस्पताल में कोरोनो रोगियों के बाल झड़ने की शिकायतों में 100 प्रतिशत वृद्धि
डॉक्टरों ने कहा कि आमतौर पर, कोविड-19 रोगियों को बीमारी से उबरने के एक महीने बाद बालों के झड़ने का अनुभव होता है. कुछ मामलों में, संक्रमण के दौरान भी बालों का झड़ना देखा जाता है. उन्होंने कहा कि आहार की आदतों में बदलाव, संक्रमण के दौरान बुखार, तनाव, चिंता, अचानक हार्मोनल परिवर्तन, कोविड के बाद लगातार जटिलताएं अस्थायी रूप से बालों के झड़ने के कुछ कारण हैं.
नई दिल्ली: दिल्ली (Delhi) के इंद्रप्रस्थ (Indraprastha) अपोलो अस्पताल (Apollo Hospital) में कोरोनो वायरस (Coronavirus) रोगियों में बालों के झड़ने की शिकायतों में 100 प्रतिशत की वृद्धि देखी गई है. डॉक्टरों (Doctors) ने बृहस्पतिवार को यह बात कही. एक प्रवक्ता (Spokeperson) के अनुसार, आम तौर पर दक्षिणी दिल्ली के इस निजी अस्पताल (Hospital) में सप्ताह में बालों के झड़ने की चार से पांच शिकायतें दर्ज की जाती हैं. हालांकि, ''मई के मध्य से बालों के झड़ने के मामले बढ़ने लगे'' और एक समेकित रिपोर्ट कहती है कि तब से दोगुने मामले सामने आ रहे हैं. Coronavirus Latest Update: देश में पिछले 24 घंटे में 39 हजार 361 कोरोना के नए मामले दर्ज हुए, 416 लोगों की हुई मौत
डॉक्टरों ने कहा कि आमतौर पर, कोविड-19 रोगियों को बीमारी से उबरने के एक महीने बाद बालों के झड़ने का अनुभव होता है. कुछ मामलों में, संक्रमण के दौरान भी बालों का झड़ना देखा जाता है.
उन्होंने कहा कि आहार की आदतों में बदलाव, संक्रमण के दौरान बुखार, तनाव, चिंता, अचानक हार्मोनल परिवर्तन, कोविड के बाद लगातार जटिलताएं अस्थायी रूप से बालों के झड़ने के कुछ कारण हैं.
इंद्रप्रस्थ अपोलो हॉस्पिटल के कॉस्मेटिक और प्लास्टिक सर्जरी के सीनियर कंसल्टेंट डॉ शाहीन नूरेज़दान ने कहा, ''हमने बालों के झड़ने से संबंधित समस्याओं की शिकायत करने वाले रोगियों की संख्या में दो गुना वृद्धि देखी है. कोविड के बाद की सूजन एक प्रमुख कारण रही है. पोषित खान-पान से समझौता, वजन में अचानक परिवर्तन, हार्मोनल गड़बड़ी और विटामिन डी और बी 12 के स्तर में कमी संक्रमण के बाद बड़ी संख्या में बालों के झड़ने कुछ प्रमुख कारण हैं.''
कॉस्मेटोलॉजी और प्लास्टिक सर्जरी के वरिष्ठ सलाहकार डॉ कुलदीप सिंह ने कहा, ''कोविड के बाद बालों का झड़ना अस्थायी होता है और यह टेलोजन एफ्लुवियम नामक स्थिति के कारण होता है. यह कोविड-19 के दौरान बुखार और अन्य बीमारियों से पीड़ित होने के बाद शरीर को होने वाले नुकसान का परिणाम है.
उन्होंने कहा कि आम तौर पर एक व्यक्ति के प्रति दिन 100 बाल गिर सकते हैं, लेकिन टेलोजेन एफ्लुवियम के कारण यह संख्या प्रति दिन 300-400 बाल तक बढ़ सकती है. डॉक्टरों ने सुझाव दिया कि कोविड-19 से उबरने के बाद, विटामिन और आयरन के प्राकृतिक खाद्य स्रोतों के साथ-साथ पौष्टिक आहार लेना चाहिए. आयरन की कमी बालों के झड़ने को बढ़ा सकती है, जबकि प्रोटीन युक्त, संतुलित आहार बालों का झड़ना कम करता है.
लोगों को डॉक्टर से तभी संपर्क करना चाहिए जब पांच से छह सप्ताह तक पौष्टिक आहार लेने के बाद भी बालों का अत्यधिक झड़ना जारी हो.
डॉक्टरों ने कहा कि बालों की देखभाल के कुछ सामान्य उपायों से अत्यधिक बालों का झड़ना रोका जा सकता है. इसमें हल्के, पैराबेन और सल्फेट-मुक्त शैंपू का उपयोग, खुजली और खोपड़ी पर परत जमने पर कड़ी निगरानी रखना, तेल लगाने से बचना और सिर की मालिश करना आदि शामिल हैं.
डॉक्टरों ने कहा कि ऐसी स्थिति में किसी व्यक्ति को तनाव से बचना चाहिए. ध्यान करना चाहिए, स्वस्थ खाना चाहिए. प्राकृतिक पोषक तत्वों की खुराक लेनी चाहिए, हेयर स्टाइलिंग के लिए गर्मी और रसायनों से बचना चाहिए. साथ ही गतिहीन जीवन शैली का पालन करने से बचना चाहिए.
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(The above story first appeared on LatestLY on Jul 29, 2021 06:25 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

