देश की खबरें | दिल्ली : नयी रणनीति के तहत घरों में पृथक-वास में रहने वाले मरीजों की कड़ी निगरानी की जाएगी

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. घरों में पृथक-वास में रहने वाले मरीजों की कड़ी निगरानी, रोगियों के संपर्क में आने लोगों की जोर-शोर से पहचान और सूक्ष्म स्तर पर निषिद्ध क्षेत्रों के निर्माण एवं व्यापक जागरूकता अभियान के माध्यम से मानव व्यवहार में बदलाव की कोशिश दिल्ली की संशोधित कोविड-19 प्रबंधन रणनीति का हिस्सा होंगे, जिन पर मंगलवार को डीडीएमए की बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, छह अक्टूबर घरों में पृथक-वास में रहने वाले मरीजों की कड़ी निगरानी, रोगियों के संपर्क में आने लोगों की जोर-शोर से पहचान और सूक्ष्म स्तर पर निषिद्ध क्षेत्रों के निर्माण एवं व्यापक जागरूकता अभियान के माध्यम से मानव व्यवहार में बदलाव की कोशिश दिल्ली की संशोधित कोविड-19 प्रबंधन रणनीति का हिस्सा होंगे, जिन पर मंगलवार को डीडीएमए की बैठक में चर्चा हुई। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

वैसे सिनेमाघरों, थियेटर और स्वीमिंग पुल अभी बंद ही रहेंगे क्योंकि उपराज्यपाल अनिल बैजल की अध्यक्षता में हुई दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) की बैठक में इस पर कोई निर्णय नहीं लिया गया। प्रशासन द्वारा रामलीला पर भी फैसला किया जाना अभी बाकी है।

यह भी पढ़े | MP Bye-Polls 2020: मध्य प्रदेश उपचुनाव के लिए कांग्रेस ने जारी की उम्मीदवारों की तीसरी सूची.

बैठक में यह भी तय किया गया कि महामारी की गंभीरता को देखते हुए संक्रमण को रोकने, मेडिकल बुनियादी ढांचे को मजबूत करने, मरीजों के स्वस्थ होने की दर में सुधार करने और कोविड-19 से होने वाली मौतें घटाने पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए।

पिछले महीने बैजल ने छह सदस्यीय एक विशेषज्ञ दल से राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 की वर्तमान स्थिति से उबरने और स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ाने के तौर -तरीके सुझाने को कहा था।

यह भी पढ़े | मध्य प्रदेश: पूर्व सीएम कमलनाथ समेत 9 लोगों के खिलाफ कोरोना नियमों के उल्लंघन के आरोप में FIR दर्ज: 6 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

एक सूत्र ने कहा, ‘‘ डीडीएमए की बैठक में पैनल ने कई सुझाव दिये जिनमें घरों में पृथक-वास में रहने वाले मरीजों की कड़ी निगरानी, सूक्ष्म स्तरपर निषिद्ध क्षेत्रों के निर्माण और रोगियों के संपर्क में आने लोगों की जोर-शोर से पहचान शामिल हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ पैनल ने महसूस किया कि मानवीय आचरण में बदलाव की जरूरत है जिसे व्यापक अभियान के जरिए प्राप्त किया जा सकता है।’’

सूत्र ने कहा कि चूंकि राष्ट्रीय राजधानी में कोविड-19 मामलों में गिरावट आ रही है, ऐसे में वर्तमान कोविड-19 प्रबंधन रणनीति पूरी तरह नहीं बदली जा सकती है।

डीडीएमए की इस बैठक में मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया, नीति आयोग के सदस्य वी के पॉल, एम्स निदेशक रणदीप गुलेरिया एवं अन्य ने हिस्सा लिया।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now

\