Ajinkya Rahane Retires: अजिंक्य रहाणे ने लिया संन्यास, 2020-21 बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी में ऑस्ट्रेलिया को उसके घर में हराने वाले कप्तान ने इंटरनेशनल क्रिकेट को कहा अलविदा
अजिंक्य रहाणे सिर्फ एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि ऐसे कप्तान के रूप में भी हमेशा याद किए जाएंगे जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में भारत को उसकी सबसे यादगार टेस्ट सीरीज जीत दिलाई. डोंबिवली से भारतीय टीम के नेतृत्व तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा.
अजिंक्य रहाणे ने संन्यास का ऐलान किया (वीडियो देखें):
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टेस्ट कप्तान के रूप में कभी नहीं हारे रहाणे
अजिंक्य रहाणे ने भारत की कप्तानी छह टेस्ट मैचों में की, जिसमें टीम ने चार मुकाबले जीते और दो ड्रॉ खेले. बतौर टेस्ट कप्तान उन्हें कभी हार का सामना नहीं करना पड़ा. उनकी शांत सोच, बेहतरीन फील्ड प्लेसमेंट और गेंदबाजों का शानदार इस्तेमाल उनकी कप्तानी की सबसे बड़ी पहचान रही.
मेलबर्न टेस्ट में लगाया गया उनका शतक भारतीय टीम के आत्मविश्वास को लौटाने वाला साबित हुआ, जबकि गाबा टेस्ट में उनकी कप्तानी में मिली जीत भारतीय क्रिकेट इतिहास की सबसे महान उपलब्धियों में गिनी जाती है.
अजिंक्य रहाणे सिर्फ एक भरोसेमंद मध्यक्रम बल्लेबाज ही नहीं, बल्कि ऐसे कप्तान के रूप में भी हमेशा याद किए जाएंगे जिन्होंने बेहद कठिन परिस्थितियों में भारत को उसकी सबसे यादगार टेस्ट सीरीज जीत दिलाई. डोंबिवली से भारतीय टीम के नेतृत्व तक का उनका सफर आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा बना रहेगा.