Amrut Bharat Express Video Fact Check: इरोड-जोगबनी अमृत भारत एक्सप्रेस (Train No. 16601) का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है. इसमें, एक कैटरिंग स्टाफ यात्री डिब्बे के वॉशबेसिन में इस्तेमाल हो चुके प्लास्टिक के खाने की ट्रे धोता हुआ दिखाई दे रहा है. इस वीडियो ने रेलवे की Hygiene and Food Safety को लेकर लोगों में आक्रोश पैदा कर दिया है. हालांकि, प्रेस सूचना ब्यूरो (PIB) और भारतीय रेलवे द्वारा की गई एक ऑफिशियल फैक्ट चेक ने स्पष्ट किया है कि वायरल दावे भ्रामक हैं.
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क्या ट्रेन में दोबारा उपयोग के लिए धोई गई खाने की ट्रे?
कैटरिंग स्टाफ ट्रेन के कोच में इस्तेमाल किए गए खाने की ट्रे धोते हुए दिखाई दे रहा है
This video is from Amrit Bharat Express. Used containers are being washed in the train sink for next round of servings. pic.twitter.com/xQlE6fYruG
— Piyush Rai (@Benarasiyaa) October 19, 2025
PIB ने फैक्ट चेकिंग के बाद क्या बताया?
PIB Fact Check टीम ने 'एक्स' पर पोस्ट करते हुए कहा, "यह दावा कि ट्रेन संख्या 16601 में यात्रियों को परोसने के लिए इस्तेमाल किए गए Casserole Containers का दोबारा इस्तेमाल किया जा रहा था, भ्रामक है. इन कंटेनरों का खानपान के लिए दोबारा इस्तेमाल नहीं किया गया था. इन्हें केवल निपटान के लिए साफ किया जा रहा था."
'अमृत भारत एक्सप्रेस में खाने की ट्रे का दोबारा इस्तेमाल नहीं हुआ'
इस वीडियो की तुरंत जांच की गई
कैसरोल का उपयोग केवल एक बार किया है, न कि दोबारा खानपान या उपभोग हेतु। इसे clean कर डिस्पोज किया जा रहा है। इस संबंध में की गई तथ्यात्मक जांच से यह स्पष्ट रूप से सिद्ध होता है।
खानपान के लिए कैसरोल का दुबारा उपयोग जैसी भ्रामक ख़बरें ना फैलाएँ ।… https://t.co/Wi79NlIGrD pic.twitter.com/Kh923spXjk
— IRCTC (@IRCTCofficial) October 19, 2025
यात्रियों को परोसे गए कंटेनरों का पुनः उपयोग नहीं हुआ
सोशल मीडिया पर एक वीडियो शेयर कर दावा किया जा रहा है कि ट्रेन संख्या 16601 में यात्रियों को परोसे गए कैसरोल कंटेनरों को पेंट्री कार कर्मचारी दोबारा इस्तेमाल कर रहे हैं#PIBFactCheck:
❌ यह दावा भ्रामक है
✅ यात्रियों को परोसे गए कंटेनरों का पुनः उपयोग नहीं किया गया। उन्हें… pic.twitter.com/OIyUkwJWcU
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) October 19, 2025
IRCTC ने जारी की सफाई
आईआरसीटीसी ने भी एक बयान जारी कर पुष्टि की है कि कैसरोल का दोबारा इस्तेमाल कभी भी खाने के लिए नहीं किया गया. IRCTC ने कहा, "वीडियो की तुरंत जांच की गई. फैक्ट चेक से यह स्पष्ट रूप से साबित हो गया है कि ट्रे का इस्तेमाल सिर्फ एक बार किया गया था और उन्हें साफ करके फेंका जा रहा था, संभवतः कबाड़ इकट्ठा करने वाले को बेचने के लिए."
संबंधित विक्रेता की पहचान कर ली गई है और आंतरिक कार्रवाई की गई है. आईआरसीटीसी ने जनता से आग्रह किया है कि तथ्यों की पुष्टि किए बिना गलत सूचना न फैलाएं.
वायरल वीडियो पर क्यों उठे सवाल?
दरअसल, वायरल क्लिप में कर्मचारी ट्रे धोने के बाद उन्हें एक के ऊपर एक रखता हुआ दिखाई दे रहा है. जब एक यात्री ने उससे पूछा, तो उसने घबराहट में जवाब दिया कि ट्रे "वापस भेजी जा रही हैं", लेकिन यह नहीं बताया कि ऐसा पेंट्री के बजाय डिब्बे के अंदर क्यों किया गया. यह घटना कथित तौर पर अमृत भारत एक्सप्रेस में हाल ही में हुई एक यात्रा के दौरान हुई.












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