Fact Check: क्या युवती की गोद में सिर रखकर सोता दिखा रॉयल बंगाल टाइगर? जानिए इंटरनेट पर वायरल वीडियो का सच
सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक रॉयल बंगाल टाइगर को युवती की गोद में सिर रखकर आराम करते और दुलार करवाते दिखाया गया है. फैक्ट-चेक जांच में पुष्टि हुई है कि यह वीडियो किसी वास्तविक घटना का नहीं, बल्कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और CGI तकनीक से तैयार किया गया एक फर्जी क्लिप है.
नई दिल्ली: सोशल मीडिया (Social Media) प्लेटफॉर्म्स पर इन दिनों एक बेहद चौंकाने वाला वीडियो तेजी से प्रसारित हो रहा है. वीडियो में एक विशालकाय रॉयल बंगाल टाइगर (Royal Bengal Tiger) एक युवती की गोद में बड़े शांत भाव से अपना सिर रखकर आराम करता दिखाई दे रहा है, जबकि युवती उसे प्यार से सहला रही है.
इस वीडियो को देखकर कई यूजर्स इसे इंसान और खूंखार जंगली जानवर के बीच के अनोखे रिश्ते और भरोसे का अद्भुत उदाहरण मानकर साझा कर रहे हैं. हालांकि, फैक्ट-चेक (fact Check) जांच में यह दावा पूरी तरह फर्जी और मनगढ़ंत साबित हुआ है. यह भी पढ़ें: Fact Check: मुंबई के गेटवे ऑफ इंडिया पर 1994 में पकड़ा गया विशालकाय 'क्रॉकज़िला'? जानें वायरल वीडियो का सच
जांच में सामने आया एआई और सीजीआई का सच
NewsMobile और FACTLY जैसी प्रतिष्ठित फैक्ट-चेकिंग संस्थाओं द्वारा की गई तकनीकी पड़ताल से यह स्पष्ट हो गया है कि यह वीडियो वास्तविक नहीं है, बल्कि इसे जनरेटिव एआई (Generative AI) और कंप्यूटर-जनरेटेड इमेजरी (CGI) की मदद से बनाया गया है:
- मूल स्रोत की पहचान: जांच में पाया गया कि यह वीडियो सबसे पहले '@powerwildanimals' नामक सोशल मीडिया हैंडल द्वारा अपलोड किया गया था. यह अकाउंट वास्तविक वन्यजीव वीडियो के बजाय पूरी तरह से एआई-निर्मित और एनिमेटेड जानवरों के काल्पनिक क्लिप बनाने के लिए जाना जाता है.
- एआई डिटेक्शन टूल्स: वीडियो के विजुअल फ्रेम्स और बनावट को एआई डिटेक्शन सॉफ्टवेयर के जरिए जांचने पर स्पष्ट संकेत मिले कि बाघ के चेहरे की मूवमेंट, बालों की बनावट और युवती के साथ भौतिक संपर्क के दृश्य कृत्रिम रूप से संश्लेषित (Synthesized) किए गए हैं.
पूर्व में भी इस तरह के एआई-निर्मित जानवरों की तस्वीरें और वीडियो (जैसे गंगटोक के पास एआई-जनरेटेड बाघ के शावक की तस्वीर) वायरल होकर लोगों में भ्रम पैदा कर चुके हैं.
रॉयल बंगाल टाइगर को सहलाती महिला का वायरल वीडियो फेक है
वन्यजीव सुरक्षा के लिहाज से खतरनाक है ऐसा भ्रम
वन्यजीव विशेषज्ञों ने स्पष्ट किया है कि रॉयल बंगाल टाइगर जैसे शीर्ष शिकारी (Apex Predators) के साथ इस तरह की नजदीकी वास्तविक दुनिया में संभव नहीं है.
विशेषज्ञों का कहना है कि:
- जंगली जानवरों के पास जाना या उन्हें छूने की कोशिश करना जानलेवा साबित हो सकता है.
- ऐसा काल्पनिक और एआई-निर्मित कंटेंट आम जनता में जंगली जानवरों के व्यवहार को लेकर गलत धारणाएं पैदा करता है, जिससे लोग जंगलों या सफारी में अनावश्यक जोखिम उठाने की गलती कर सकते हैं.
- जिम्मेदार वाइल्डलाइफ नियमों के तहत वन्यजीवों से एक सुरक्षित दूरी बनाए रखना और उनके प्राकृतिक व्यवहार का सम्मान करना अनिवार्य है.
पड़ताल से यह निष्कर्ष निकलता है कि युवती की गोद में रॉयल बंगाल टाइगर के आराम करने का वायरल वीडियो पूरी तरह से एआई-जनरेटेड (AI-Generated) है। दर्शकों को सलाह दी जाती है कि ऐसे सनसनीखेज वन्यजीव वीडियो पर विश्वास करने या उन्हें आगे साझा करने से पहले उनकी प्रामाणिकता की जांच जरूर करें.