Dog Funeral in Agra: यूपी के आगरा में पालतू कुत्ते 'टाइगर' को बेटे की तरह दी अंतिम विदाई, हिंदू रीति-रिवाज से किया अंतिम संस्कार और ब्राह्मण भोज; VIDEO

आगरा के एक परिवार ने अपने पालतू डॉग 'टाइगर' की मृत्यु पर इंसानो की तरह अंतिम संस्कार और तेरहवीं की रस्में निभाईं. परिजनों ने गंगा घाट पर दाह संस्कार के बाद ब्राह्मण भोज का भी आयोजन किया, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है.

Dog Funeral

Dog Funeral in Agra: उत्तर प्रदेश के आगरा से इंसान और जानवर के बीच अटूट प्रेम की एक भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई है. जिले के शाहदरा बगीची इलाके में रहने वाले एक परिवार ने अपने पालतू लैब्राडोर 'टाइगर' की मृत्यु के बाद उसे किसी जानवर की तरह नहीं, बल्कि घर के बेटे की तरह अंतिम विदाई दी. टाइगर की मौत के बाद परिवार ने न केवल उसका हिंदू रीति-रिवाज से अंतिम संस्कार किया, बल्कि रविवार, 8 फरवरी को उसकी तेरहवीं पर 'ब्राह्मण भोज' का भी आयोजन किया.

14 साल पुराना था परिवार से रिश्ता

शाहदरा निवासी घनश्याम दीक्षित ने बताया कि वे टाइगर को 14 साल पहले अपने घर लाए थे. इन वर्षों में टाइगर परिवार का एक अटूट हिस्सा बन गया था और घर के हर सुख-दुख में उनके साथ खड़ा रहा. 28 जनवरी को संक्षिप्त बीमारी के बाद टाइगर का निधन हो गया था. इस दुखद घड़ी में परिवार ने निर्णय लिया कि वे उसे वही सम्मान देंगे जो परिवार के किसी सदस्य को दिया जाता है. यह भी पढ़े:  Viral Video: बीमार मालिक की एम्बुलेंस के पीछे-पीछे वफादार कुत्ता पहुंचा अस्पताल, वीडियो देख हो जाएंगे इमोशनल

पालतू कुत्ते को बेटे की तरह दी अंतिम विदाई

गंगा तट पर अंतिम संस्कार और मुंडन की रस्म

टाइगर के निधन के बाद दीक्षित परिवार ने मोहल्ले में उसकी अंतिम यात्रा निकाली, जिसमें स्थानीय निवासी भी शामिल हुए. इसके बाद शव को बुलंदशहर के राजघाट स्थित गंगा तट पर ले जाया गया, जहां पूरे विधि-विधान से उसका दाह संस्कार किया गया. शोक की इस अवधि के दौरान, परिवार के सदस्यों ने 'मुंडन' भी करवाया, जो हिंदू धर्म में किसी प्रियजन के खोने पर सम्मान और दुख प्रकट करने का प्रतीक है.

हवन और 13 ब्राह्मणों को कराया भोजन

शोक की अवधि पूरी होने पर, 8 फरवरी को दीक्षित परिवार ने 'तेरहवीं' और 'ब्राह्मण भोज' का भव्य आयोजन किया. इस दौरान आत्मा की शांति के लिए पवित्र 'हवन' किया गया. परंपरा के अनुसार, 13 ब्राह्मणों को आमंत्रित किया गया और उन्हें भोजन कराकर दान-दक्षिणा दी गई. इस अनोखी विदाई की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है और इससे जुड़ा वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है.

घनश्याम दीक्षित ने भावुक होते हुए कहा, "टाइगर सिर्फ एक कुत्ता नहीं, मेरे लिए बेटे जैसा था. उसने हमारे साथ 14 साल बिताए, इसलिए यह हमारा कर्तव्य था कि हम उसे परिवार के सदस्य की तरह ही विदा करें."

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