Ayodhya Ram Mandir: अयोध्या में राम मंदिर दर्शन से पहले यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय नजरबंद, चंदे में गड़बड़ी के आरोपों पर बीजेपी-कांग्रेस में तीखी बहस
अयोध्या में राम मंदिर के दर्शन के लिए जा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय को प्रशासन ने नजरबंद कर दिया है. इस कार्रवाई के बाद भाजपा और कांग्रेस के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है.
अयोध्या/नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के दर्शन के लिए जा रहे उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी (Uttar Pradesh Congress Committee) के अध्यक्ष अजय राय (Ajay Rai) को पुलिस प्रशासन द्वारा नजरबंद (हाउस अरेस्ट) किए जाने के बाद मंगलवार, 30 जून 2026 को एक नया राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि प्रदेश अध्यक्ष और पार्टी सांसदों के एक प्रतिनिधिमंडल को भगवान श्री राम के दर्शन करने से जानबूझकर रोका गया है. वहीं, दूसरी तरफ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने पलटवार करते हुए कांग्रेस पर राम मंदिर के नाम पर राजनीति करने और चंदे से जुड़ी चल रही जांच में बाधा डालने का आरोप लगाया है. यह भी पढ़ें: Ram Mandir Donation Theft Row: अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले पर भड़के बाबा बागेश्वर, कहा- इन्होंने करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था चुरा ली'; VIDEO
होटल से ले जाकर गेस्ट हाउस में किया नजरबंद
यह घटनाक्रम सोमवार देर रात और मंगलवार सुबह के बीच का है. अजय राय पार्टी के चार लोकसभा सांसदों—किशोरी लाल शर्मा (अमेठी), राकेश राठौर (सीतापुर), उज्जवल रमण सिंह (प्रयागराज) और तनुज पुनिया (बाराबंकी) के साथ मंगलवार को रामलला के दर्शन करने वाले थे.
अजय राय ने एक वीडियो संदेश जारी कर आरोप लगाया कि वे सोमवार रात जैसे ही अयोध्या पहुंचे, पुलिस ने उन्हें होटल (पदम श्री पैलेस) से हिरासत में ले लिया और कुमारगंज स्थित आचार्य नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के गेस्ट हाउस में नजरबंद कर दिया. इसके बाद स्थानीय कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने गेस्ट हाउस के बाहर ही धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया.
चंदे में हेरफेर के आरोपों पर छिड़ी रार
यह पूरा विवाद राम मंदिर में चढ़ावे और चंदे में हुई कथित वित्तीय अनियमितताओं की पृष्ठभूमि में हो रहा है, जिसकी जांच उत्तर प्रदेश पुलिस की एसआईटी (SIT) कर रही है. नजरबंदी के बाद अजय राय ने तीखा हमला बोलते हुए कहा:
"हम भगवान श्री राम का आशीर्वाद लेने अयोध्या जा रहे थे. हम भगवान से यह प्रार्थना भी करना चाहते थे कि भाजपा और आरएसएस के लोगों ने चंदे की चोरी और जमीन घोटालों के जरिए इस पवित्र स्थल की जो बदनामी की है, उसे दूर करें. प्रशासन अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रहा है."
भाजपा का पलटवार: "जांच में दखल दे रही कांग्रेस"
कांग्रेस के आरोपों को खारिज करते हुए उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों और भाजपा नेताओं ने इस कार्रवाई को कानून-व्यवस्था और जारी जांच से जुड़ा बताया. उत्तर प्रदेश के मंत्री अनिल राजभर ने तंज कसते हुए कहा कि इनके पास 50-60 समर्थक भी नहीं बचे हैं। ये लोग हताश हैं और इन्होंने कोर्ट से लेकर हर स्तर पर राम मंदिर के निर्माण को रोकने की कोशिश की थी, जो किसी से छिपी नहीं है.
वहीं, भाजपा सांसद गुलाम अली खटाना ने कहा:
"पूरा मामला अभी जांच के अधीन है। मंदिर जाना कोई अपराध नहीं है, लेकिन मंदिर के भीतर राजनीति करना और चल रही कानूनी जांच में दखल देना पूरी तरह से गलत है."
पृष्ठभूमि और वर्तमान स्थिति
यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में आया है जब अयोध्या की एक स्थानीय अदालत ने राम मंदिर चंदा घोटाले के सभी आरोपियों को 14 दिनों की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है. कांग्रेस पार्टी लगातार इस पूरे मामले की सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में जांच कराने की मांग कर रही है, कांग्रेस नेताओं का कहना है कि जहां विपक्षी नेताओं को दर्शन से रोका जा रहा है, वहीं सरकार चुनिंदा तरीके से लोगों को वीआईपी एंट्री दे रही है, जो आस्था के अधिकार का उल्लंघन है.
(The above story first appeared on LatestLY on Jun 30, 2026 03:30 PM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

