Trombay Unauthorized Schools: मुंबई के ट्रॉम्बे में बिना सरकारी मंजूरी के चल रहे स्कूलों पर BMC की बड़ी कार्रवाई, नोटिस के बावजूद बंद नहीं करने पर FIR दर्ज
मुंबई महानगरपालिका (BMC) के शिक्षा विभाग ने बार-बार नोटिस दिए जाने के बावजूद अवैध रूप से चल रहे ट्रॉम्बे क्षेत्र के सात प्राथमिक स्कूलों के प्रबंधन के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है. बीएमसी के सर्वे में मुंबई भर में 164 अवैध स्कूल पाए गए थे.
Trombay Unauthorized Schools: मुंबई महानगरपालिका (BMC) के शिक्षा विभाग ने ट्रॉम्बे और मानखुर्द इलाके में बिना सरकारी मंजूरी के चल रहे सात प्राथमिक स्कूलों के प्रबंधन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है. शिक्षा विभाग द्वारा बार-बार बंद करने का नोटिस दिए जाने के बावजूद ये स्कूल लगातार संचालित हो रहे थे. बीएमसी के निजी प्राथमिक स्कूल विभाग के सेक्शन इंस्पेक्टर मोहम्मद इरफान शाह (44) की शिकायत पर ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन में इन स्कूलों के प्रिंसिपलों, सचिवों और निदेशकों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है.
मुंबई भर में मिले 164 अवैध स्कूल
बीएमसी द्वारा शैक्षणिक वर्ष 2025-26 के लिए किए गए एक सर्वे में मुंबई भर में कुल 164 प्राथमिक स्कूल अनधिकृत यानी अवैध पाए गए थे. इनमें से सात स्कूल ट्रॉम्बे पुलिस स्टेशन के अधिकार क्षेत्र में चल रहे थे. पुलिस में नामजद किए गए स्कूलों में न्यू आकाश इंग्लिश स्कूल, एकवीरा विद्यालय इंग्लिश स्कूल, अभिनव इंग्लिश स्कूल, यूनिवर्सल इंग्लिश स्कूल, पीस पब्लिक स्कूल, ट्रॉम्बे हिंदी स्कूल और क्वीन मैरिज इंग्लिश स्कूल शामिल हैं. यह भी पढ़े: Mumbai Monsoon 2026: मुंबई में मानसून से पहले BMC की जलभराव से निपटने की बड़ी तैयारी, ₹110 करोड़ का 'डीवॉटरिंग पंप' प्लान तैयार, आज मंजूरी मिलने की उम्मीद
नोटिस का नहीं दिया कोई जवाब
शिकायत के अनुसार, महाराष्ट्र शिक्षा निदेशालय के निर्देशों पर बीएमसी के शिक्षा अधिकारी की मंजूरी के बाद इन स्कूलों को फरवरी और मार्च 2026 में नोटिस जारी किए गए थे. नोटिस में स्कूल प्रबंधनों को सात दिनों के भीतर संस्थान बंद करने या सरकार से मान्यता से जुड़े वैध दस्तावेज पेश करने का आदेश दिया गया था. हालांकि, स्कूलों ने न तो कोई स्पष्टीकरण दिया और न ही सरकारी मंजूरी ली, बल्कि आदेशों का उल्लंघन करते हुए स्कूल जारी रखे.
कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज
बीएमसी की शिकायत के आधार पर पुलिस ने सातों स्कूलों के अधिकारियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 की धारा 223 और शिक्षा का अधिकार (RTE) अधिनियम, 2009 की धारा 18 के तहत मामला दर्ज किया है. बीएमसी ने सबूत के तौर पर जारी किए गए नोटिस और अन्य दस्तावेजों की प्रतियां पुलिस को सौंप दी हैं. पुलिस ने मामले की आगे की जांच शुरू कर दी है और मूल रिकॉर्ड्स की जांच की जा रही है.