Hindi-Marathi Row: महाराष्ट्र में चल रहे हिंदी-मराठी विवाद के बीच, सुप्रीम कोर्ट में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) के प्रमुख राज ठाकरे के खिलाफ एक जनहित याचिका (PIL) दायर की गई है. याचिका में आरोप लगाया गया है कि राज ठाकरे ने हिंदी भाषियों के खिलाफ हिंसा भड़काई और भाषा आधारित नफरत फैलाने का प्रयास किया है.
वकील घनश्याम उपाध्याय की तरफ से दायर की गई PIL
इस याचिका में ठाकरे और उनकी पार्टी के कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की गई है. यह याचिका वकील घनश्याम उपाध्याय द्वारा दायर की गई है. यह भी पढ़े: Hindi-Marathi Row: मुंबई से सटे विरार में शिवसेना UBT-MNS कार्यकर्ताओं ने ‘एंटी-मराठी’ टिप्पणी पर ऑटो ड्राइवर को पीटा, माफी भी मंगवाई; देखें VIDEO
याचिका में 5 जुलाई को हुई विजय रैली का भी उल्लेख
याचिका में 5 जुलाई को हुई विजय रैली का भी उल्लेख किया गया है, जिसमें राज ठाकरे और शिवसेना (उद्धव गुट) के नेता उद्धव ठाकरे भी उपस्थित थे.याचिकाकर्ता के अनुसार, रैली के दौरान राज ठाकरे ने कथित रूप से कहा कि जो लोग मराठी नहीं बोलते, उन्हें "कान के नीचे मारो", जो हिंसा को बढ़ावा देने वाला और संविधान के खिलाफ बताया गया.
इससे पहले मुंबई में DGP से लिखित में शिकायत
इससे पहले, मुंबई में डीजी से तीन वकीलों ने लिखित शिकायत दी थी और राज ठाकरे के भड़काऊ बयान को लेकर उनके खिलाफ (NSA (National Security Act) लगाने की मांग की थी.
18 जुलाई को फिर से हिंदी भाषियों के खिलाफ दिया बयान
सुप्रीम कोर्ट में उनके खिलाफ जनहित याचिका दायर होने से पहले, महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS) प्रमुख राज ठाकरे ने 18 जुलाई को फिर से हिंदी भाषियों को लेकर भड़काऊ बयान दिया. उन्होंने भाजपा सांसद निशिकांत दुबे के "पटक-पटक कर मारेंगे" वाले बयान पर तीखी प्रतिक्रिया दी. राज ठाकरे ने कहा, "एक भाजपा सांसद ने कहा था कि हम मराठी लोगों को यहां पर पटक-पटक कर मारेंगे. मैं दुबे को बोलता हूं, तुम मुंबई में आ जाओ, मुंबई के समंदर में डुबो-डुबोकर मारेंगे.
उन्होंने यह भी कहा, "अगर किसी ने यहां मराठी का अपमान किया तो उसके गाल और हमारे हाथ की 'युति' जरूर होकर रहेगी.













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