महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव 2019: शिवसेना में टिकट बंटवारे पर घमासान, नाराज 26 कॉरपोरेटर और 300 कार्यकर्ताओं ने उद्धव ठाकरे को भेजा इस्तीफा
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव से ठीक पहले शिवसेना को बड़ा झटका लगा है. टिकट बंटवारे से नाराज 26 शिवसेना कॉरपोरेटर और पार्टी के लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे को अपना इस्तीफा भेज दिया है.
कल्याण: महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव (Maharashtra Assembly Elections) से ठीक पहले शिवसेना (Shiv Sena) को बड़ा झटका लगा है. टिकट बंटवारे से नाराज 26 शिवसेना कॉरपोरेटर और पार्टी के लगभग 300 कार्यकर्ताओं ने पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे (Uddhav Thackeray) को अपना इस्तीफा भेज दिया है. पार्टी के इन लोगों का कहना है कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए सीटों का बंटवारा जिस तरीके से किया गया है, उससे वे खुश नहीं हैं. चुनाव से ठीक पहले पार्टी में पड़ी इस फूट से शिवसेना पर बड़े संकट में घिरती नजर आ रही है.
शिवसेना नेता आगामी विधानसभा चुनावों में बीजेपी उम्मीदवार गणपत गायकवाड़ (Ganpat Gaikwad) का समर्थन करने के पार्टी के आदेश से नाराज हैं. पार्टी सूत्रों की माने तो शिवसेना के स्थानीय नेता इस सीट पर पार्टी का उम्मीदवार चाहते थे. यह सीट बंटवारे के बाद बीजेपी के खाते में चली गई. मिली जानकारी के अनुसार इन सभी ने पार्टी के बागी उम्मीदवार धनंजय बोडारे (Dhananjay Bodare) के समर्थन का फैसला किया है.
शिवसेना को बड़ा झटका-
Maharashtra: 26 Shiv Sena corporators and around 300 workers of the party have sent their resignation to the party chief Uddhav Thackeray citing their 'unhappiness over the distribution of seats' for the upcoming #MaharashtraAssemblyPolls pic.twitter.com/yqlOtrpJ23
— ANI (@ANI) October 10, 2019
2014 में इस सीट से वर्तमान विधायक गणपत गायकवाड़ निर्दलीय चुनाव जीते थे. गणपत गायकवाड़ ने बाद में बीजेपी को समर्थन दे दिया. इस बार गायकवाड़ को बीजेपी ने टिकट दिया है. शिवसेना नेताओं की मांग थी कि यह सीट शिवसेना को दी जाए लेकिन ऐसा नहीं हुआ जिससे पार्टी के स्थानीय कार्यकर्ता नाराज हैं. ऐसे में शिवसेना के ही नगरसेवक धनंजय बोडारे ने निर्दलीय के रूप में फॉर्म भरा. अब धनंजय बोडारे को समर्थन देने के लिए शिवसेना नेताओं ने इस्तीफा दे दिया है.
वहीं, पूरे मामले में गणपत गायकवाड़ का कहना है कि यह सब सोची-समझी साजिश है. यह सब शिवसेना का ही राजनैतिक स्टंट है. नगरसेवकों से इस्तीफा दिलवाने के पीछे शिवसेना के ही बड़े नेताओं का हाथ है. वे अगर वास्तव में इस्तीफा देना चाहते हैं, तो वे पार्टी अध्यक्ष की जगह नगर आयुक्त को इस्तीफा देते थे. वे केवल बोराडे की मदद के लिए अपनी पार्टी पर दबाव बनाने की कोशिश कर रहे हैं जो गठबंधन के खिलाफ है."
बता दें कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए बीजेपी और शिवसेना मिलकर चुनाव लड़ रही हैं. बीजेपी अपने सहयोगियों के साथ 164 और शिवसेना 124 सीटों पर चुनाव लड़ेगी. बीजेपी इनमें से 150 सीटों पर खुद लड़ रही है, वहीं 14 सीटों पर उसके सहयोगी दल चुनाव लड़ेंगे.
(The above story first appeared on LatestLY on Oct 10, 2019 09:28 AM IST. For more news and updates on politics, world, sports, entertainment and lifestyle, log on to our website latestly.com).

