Jodhpur: सरकारी अस्पताल में प्रसव के बाद 8 महिलाएं गंभीर रूप से बीमार, सेप्टीसीमिया और किडनी डैमेज की आशंका; ऑपरेशन थिएटर सील
राजस्थान के जोधपुर स्थित पावटा जिला अस्पताल में सिजेरियन प्रसव के बाद आठ महिलाओं की तबीयत अचानक बिगड़ गई. छह महिलाओं को गंभीर ब्लड इन्फेक्शन (सेप्टीसीमिया) और दो को किडनी व लिवर डैमेज होने की आशंका के बाद एमडीएम अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती कराया गया है.
जोधपुर: राजस्थान (Rajasthan) के जोधपुर जिले (Jodhpur) से मातृ स्वास्थ्य सेवाओं (Maternal Healthcare) की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाने वाली घटना सामने आई है. यहां के पावटा जिला अस्पताल में 20 जून 2026 को सिजेरियन ऑपरेशन (Caesarean Section) (सिजेरियन डिलीवरी) से प्रसव कराने वाली आठ महिलाओं की तबीयत अचानक बेहद बिगड़ गई. सर्जरी के कुछ ही घंटों बाद महिलाओं को तेज बुखार, भारी रक्तस्राव और पेट में असहनीय दर्द की शिकायत हुई. स्थिति बिगड़ती देख प्रशासन ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑपरेशन थिएटर (OT) को सील कर दिया है और मामले की उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं. यह भी पढ़ें: Andhra Pradesh Shocker: बीमार पत्नी और 2 मासूम बच्चों को जहर देकर व्यक्ति ने की खुदकुशी, टीवी स्क्रीन पर छोड़ा 'डेथ नोट'
छह महिलाओं को सेप्टीसीमिया, दो की किडनी और लिवर प्रभावित
अस्पताल के वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों से प्राप्त जानकारी के अनुसार, सिजेरियन सर्जरी के बाद शुरुआती जांच में छह महिलाओं को 'सेप्टीसीमिया' (खून में फैलने वाला एक गंभीर और जानलेवा बैक्टीरियल इन्फेक्शन) होने की आशंका जताई गई है. वहीं, दो अन्य महिलाओं को सर्जरी के बाद गंभीर रूप से लो ब्लड प्रेशर और अत्यधिक ब्लीडिंग के कारण अंगों के काम न करने (Organ Damage) की समस्या उत्पन्न हो गई है.
सभी प्रभावित महिलाओं को तुरंत मथुरा दास माथुर (MDM) अस्पताल में स्थानांतरित (Refer) किया गया है. इनमें से दो महिलाओं की स्थिति अत्यंत नाजुक होने के कारण उन्हें आईसीयू में वेंटिलेटर और डायलिसिस सपोर्ट पर रखा गया है, जहां डॉक्टरों की एक विशेष टीम उनकी निगरानी कर रही है.
ऑपरेशन थिएटर सील, दवाओं के सैंपल जांच के लिए भेजे
डॉ. एस.एन. मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल डॉ. बी.एस. जोधा ने पुष्टि की है कि ये सभी सिजेरियन डिलीवरी 20 जून को हुई थीं. एहतियात के तौर पर अस्पताल के उस ऑपरेशन थिएटर को आगामी आदेश तक पूरी तरह बंद और सील कर दिया गया है जहां ये ऑपरेशन किए गए थे.
इसके साथ ही, ऑपरेशन के दौरान इस्तेमाल की गईं जीवन रक्षक दवाएं, ग्लूकोज और आईवी फ्लूइड्स (IV Fluids) के साथ-साथ चिकित्सा उपकरणों के स्टॉक को भी जब्त कर लिया गया है. विशेषज्ञों की टीम ने ऑपरेशन थिएटर से कल्चर और ब्लड सैंपल कलेक्ट किए हैं ताकि संक्रमण के सटीक बैक्टीरिया या दूषित दवाओं की पहचान की जा सके. इसकी रिपोर्ट अगले 3 से 4 दिनों में आने की उम्मीद है.
स्वास्थ्य मंत्री के दौरे के समय हुई घटना, समय-सीमा पर उठे सवाल
यह पूरा घटनाक्रम उस समय विवादों में आ गया जब २० जून को ही राजस्थान के स्वास्थ्य मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर पांच नई चिकित्सा सुविधाओं का उद्घाटन करने के लिए जोधपुर के आधिकारिक दौरे पर थे.
प्रेस और स्थानीय संगठनों द्वारा यह सवाल उठाया जा रहा है कि जब वरिष्ठ अधिकारी मंत्री के स्वागत और कार्यक्रमों में व्यस्त थे, तब इन गंभीर रूप से बीमार महिलाओं की बिगड़ती स्थिति पर प्रशासन ने ध्यान देने में कितनी देरी की. हालांकि, स्वास्थ्य मंत्री ने मीडिया से बातचीत में स्पष्ट किया कि प्रभावित महिलाओं में से एक को पहले से ही अत्यधिक मधुमेह (Diabetes) और दूसरी को पीलिया (Jaundice) की शिकायत थी, और सरकार स्थिति पर पैनी नजर रखे हुए है.
कोटा और बीकानेर की घटनाओं के बाद बढ़ा तनाव
राजस्थान में सरकारी अस्पतालों में प्रसव के बाद महिलाओं के गंभीर रूप से बीमार होने या मौत होने का यह पहला मामला नहीं है. इसी साल मई में कोटा के न्यू मेडिकल कॉलेज और जेके लोन अस्पताल में सिजेरियन डिलीवरी के बाद किडनी फेल होने से 5 महिलाओं की मौत हो गई थी.
ठीक इसी तरह, इस महीने की शुरुआत में बीकानेर के पीबीएम (PBM) अस्पताल में भी 6 महिलाओं की किडनी फेल हुई थी, जिनमें से दो महिलाओं ने दम तोड़ दिया था. बीकानेर मामले की जांच करने वाली जोधपुर की विशेषज्ञ समिति ने पहले ही सरकारी अस्पतालों के ऑपरेशन थिएटरों में साफ-सफाई की कमी, फ्यूमिगेशन न होना और प्रसूति (Gynecology) विभाग के लिए अलग से आईसीयू न होने को मुख्य वजह बताया था.
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने जताई गहरी चिंता
राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने जोधपुर के अस्पताल में हुई इस घटना को चिकित्सा मानकों में भारी गिरावट और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही (Serious Negligence) का उदाहरण बताया.
अशोक गहलोत ने कहा, "कोटा और बीकानेर के बाद अब जोधपुर से ऐसी खबरें आना बेहद चिंताजनक है. प्रसव के बाद सेप्टीसीमिया और किडनी फेल होना स्वास्थ्य प्रणाली के बुनियादी ढांचे की विफलता को दर्शाता है." उन्होंने घोषणा की है कि वे जल्द ही जोधपुर का दौरा कर पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों से मुलाकात करेंगे.