रक्षा बजट और हथियारों की होड़! सेना से लेकर मिसाइल तक, जानें भारतीय सैन्य ताकत की वर्तमान स्थिति

भारत 2025 में विश्व की सबसे बड़ी सेनाओं में शामिल है, जिसमें थलसेना, वायुसेना और नौसेना के पास अत्याधुनिक हथियार और तकनीक हैं. देश के पास सैकड़ों टैंक, फाइटर जेट, मिसाइलें, परमाणु हथियार और लाखों सैनिकों की शक्ति है. पाकिस्तान से बढ़ते तनाव के बीच भारत की सैन्य तैयारियां पूरी सतर्कता के साथ जारी हैं.

India’s Military Power in 2025: भारत की सशस्त्र सेनाएँ विश्व की चौथी सबसे मजबूत मानी जाती हैं. 2025 तक तीनों शाखाओं (सेना, नौसेना, वायुसेना) में सक्रिय सैन्यकर्मी लगभग 1.47 मिलियन हैं. इनमें से भारतीय थलसेना में ~12.37 लाख सक्रिय (और 9.60 लाख रिजर्व) कर्मी हैं, वायुसेना में ~1.71 लाख सक्रिय (और 1.40 लाख रिजर्व) तथा नौसेना में ~1.42 लाख सदस्य हैंसीमा सुरक्षा और क्षेत्रीय चुनौतियों के मद्देनज़र इन बलों का निरंतर आधुनिकीकरण किया जा रहा है. रक्षा क्षेत्र में ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ पहल का जोर देते हुए स्वदेशी निर्माण को बढ़ावा दिया जा रहा है.

थलसेना: टैंकों और अन्य हथियारों की स्थिति

थलसेना की आधुनिक राइफ़लों में पुराने INSAS को बदलने की दिशा में कदम बढ़े हैं. Indo-Russian Rifles Pvt. Ltd. की सुविधा से AK-203 (7.62×39mm) राइफलों का उत्पादन जारी है. 2025-26 में 70,000 AK-203 टुकड़े आयात/निर्मित हुए और 2026 तक कुल 1,70,000 इकाइयां पहुंच जाएंगी,  जिससे बूढ़े INSAS राइफलों की जगह एकजुट मशीनगन और बख्तरबंद टुकड़ियों को नव-स्तरीय आग्नेय शक्ति मिलेगी. हल्के मशीनगन के रूप में इजरायली Negev (7.62mm) की ~16,000 यूनिट की तैनाती हुई है. तोपखाने में 155mm हॉवित्जरों की भूमिका है: बर्फोर्स FH-77 (लगभग 400 तोपें), स्वदेशी Dhanush (114 तोपें ऑर्डर, 24 डिलीवरी हो चुकी हैं, मार्च 2026 तक सभी डिलीवरी की उम्मीद) और M777 (145 हल्की तोप) शामिल हैं. स्वयं-चालित तोपखाने के रूप में K9 Vajra-T के 200 हवाई प्रक्षेप (SPG) तैनात हैं (पहला बैच 100, दूसरा बैच 2025 में ऑर्डर हुआ). इनके अलावा सरहदों पर हल्की तोपें (105mm Light Field Gun) और 120mm मोर्टार तैनात हैं.

रक्षा विश्लेषकों की टिप्पणी: पूर्व रक्षा सलाहकार अमित कौशिश ने बताया कि भारत के रक्षा बजट का अधिकांश हिस्सा मानव संसाधनों (वेतन-पेंशन) पर खर्च होता है, जिससे उपकरणों के आधुनिकीकरण के लिए राशि सीमित हो जाती है। JNU के लक्समन बेहरा कहते हैं कि पूंजीगत व्यय में मामूली वृद्धि ही हुई है, इसलिए आधुनिक हथियार सौदों की प्रक्रिया धीमी बनेगी. उनका सुझाव है कि सौदे ‘मेज पर’ होने चाहिए ताकि आधुनिक उपकरण समय पर मिल सकें.

वायुसेना: लड़ाकू विमान और हेलीकॉप्टर

भारतीय वायुसेना के पास कुल मिलाकर लगभग 1,926 विमान हैं, (जिनमें लड़ाकू विमान, परिवहन विमान और हेलीकॉप्टर शामिल हैं). प्रमुख लड़ाकू विमानों की संख्या इस प्रकार है:

युद्ध के अलावा, वायुसेना में व्यापक परिवहन क्षमता भी है (C-17, C-130J, IL-76, IL-78 इत्यादि) और अग्रिम चेतावनी जहाज (AWACS) जैसे Netra. हाल के ठोस कदमों में बद्ध लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट (LCA) Tejas Mk1A/Mark-2 का विकास तथा भविष्य में AMCA (5वीं पीढ़ी) की योजना शामिल हैं.

Sukhoi Su-30MKI (फ्लैंकर-H) भारतीय वायुसेना की रीढ़ की हड्डी है; यह 300 किमी/घंटा से अधिक की मारक क्षमता के साथ मिसाइल, बम एवं गन नियंत्रित हथियार ढो सकता है.

हेलीकॉप्टर बेड़े: भारत दुनिया में चौथे सबसे बड़े सैन्य हेलीकॉप्टर बेड़े वाला देश है. मुख्य हेलीकॉप्टरों की स्थिति:

इनके अतिरिक्त सीमा निगरानी और वार्षिक परेड में लोकपाल उपयोग के लिए हल्के हेलीकॉप्टर (Chetak/Cheetah) और भारी लिफ्ट Mi-26 (2 यूनिट्स) सेवित हैं. आधुनिककरण में बला-मुहर्रा एनजीएपी (Night Vision), EL/L-8222 द्रुत प्रतिक्रिया रडार और उन्नत हेलिकॉप्टर-प्रक्षेप योग्य मिसाइलें शामिल हैं.

मिसाइल प्रणाली

भारत ने रेंज और क्षमताओं के आधार पर विभिन्न मिसाइल प्रणालियां विकसित की हैं:

इन सभी प्रणालियों के चलते भारत के पास परमाणु त्रिकोण (बमबर + बैलिस्टिक + एसएलबीएम) की क्षमताएं हैं.रणनीतिक बल कमान के अनुमान के अनुसार भारत के पास करीब 170 परमाणु वारहेड्स बनाने के लिए पर्याप्त हथियार-ग्रेड प्लूटोनियम है.

नौसेना: जहाज, पनडुब्बी और विमानवाहक

भारतीय नौसेना में कुल 294 युद्धपोत हैं. इनमें शामिल हैं:

इसके अलावा INS अरीहंत श्रेणी की परमाणु मिसाइल वाहक पनडुब्बियां (SSBN) भी परिचालन में हैं. नौसेना के जहाजों को एमआरसीए/एमके54 टॉरपीडो, समंदर की निगरानी रडार, लंबी दूरी की सतह की मार के लिए Barak-8 SAM और LR-SAM से लैस किया गया है. हाल ही में भारत ने फ्रांस से 26 Rafale-M (कैटापॉल्ट लॉन्च जहाज विमान) का सौदा किया है, जिन्हें INS विक्रांत पर तैनात किया जाएगा. सुदूर समुद्री क्षेत्रों में चौबीसों घंटे सतर्कता के लिए P-8I पनडुब्बी रोधक विमान और Dornier 228 तट पर निगरानी रखता है.

व्यक्तिगत हथियार और तोपखाना

सैनिकों के निजी हथियारों में निम्न शामिल हैं

रक्षा बजट एवं सौदे

वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए प्रस्तावित रक्षा बजट ₹6.81 लाख करोड़ (~$78.7 बिलियन) है, जो पिछली साल की तुलना में 9.5% अधिक हैइसमें से लगभग ₹4.70 लाख करोड़ मानव संसाधन (वेतन-पेंशन) पर और ₹1.80 लाख करोड़ उपकरणों के आधुनिकीकरण पर खर्च किए जाएंगे. रक्षा मंत्रालय के पूर्व वित्तीय सलाहकार अमित कौशिश का कहना है कि 'पेंशन और वेतन मिलाकर बजट का बड़ा हिस्सा ले जाते हैं', जिससे नई खरीद पर दबाव बढ़ रहा है। JNU के लक्समन बेहरा भी बताते हैं कि सीमित पूंजीगत व्यय के कारण आधुनिक हथियार सौदों की गति धीमी बनी रहेगी.

हाल के बड़े रक्षा सौदों में शामिल हैं: Dassault से 36+26 Rafale, संयुक्त-पस्तरित लड़ाकू विमानों की खरीद; Boeing से 22 AH-64E Apache और 15 CH-47F Chinook हेलीकॉप्टर; स्वदेशी तेजस Mk1A (73 ऑर्डर) तथा प्रोजेक्ट 75I (विकासाधीन पनडुब्बी) जैसी परियोजनाएं. रक्षा उत्पादन में L&T-सराकर संयुक्त उद्यम के तहत 100 K9 Vajra तोपों की पहली खेप डिलीवर हुई थी, और अप्रैल 2025 में अतिरिक्त 100 की नयी खरीद का करार हुआ (जिससे कुल संख्या 200 हुई). इसी तरह कई रक्षा उत्पादक PSUs (DRDO, HAL, BDL) स्थानीय निर्माण बढ़ाकर आयात घटाने पर काम कर रहे हैं.

सीमा तनाव में सैन्य तैयारी

हाल के जम्मू-कश्मीर आतंकी हमलों के बाद भारत-पाक सीमा पर तनाव बढ़ा हुआ है. पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने भारतीय हमले की आशंका जताई और अपनी सीमाओं पर बल बढ़ाए जाने की बात कही हैइन घटनाओं के बीच, भारत ने एलओसी और लद्दाख सेक्टर पर अपनी सतर्कता बढ़ा दी है. थलसेना और वायुसेना दोनों ने अतिरिक्त टोही और पैंतरेबाज़ी तोपें सीमाओं पर तैनात की हैं. रक्षा विशेषज्ञों के अनुसार, यह तनाव दिवस-सर गतिविधियों में सुरक्षा उपायों को सख्त करने और सीमांत अभ्यासों को तेज करने का कारण बना है.

भारत, पाकिस्तान तनाव के बीच अंतरराष्ट्रीय साझेदारों के साथ रक्षा सहयोग बढ़ा रहा है. उदाहरणतः भारत ने निकट भविष्य में Quad एवं AUKUS देशों से सुरक्षा कड़ी करने पर जोर दिया है, जबकि स्वदेशी परमाणु पनडुब्बी (INS Arihant) और द्वीपतलीय रडार नेटवर्क जैसे परियोजनाओं को गति दी है. विशेषज्ञ चेताते हैं कि मौजूदा रक्षा बजट में केवल मामूली बढ़ोतरी और क्रय-प्रक्रियाओं में विलंब के कारण पूर्ण युद्ध-तैयारी की रफ्तार सीमित हो सकती है.

2025 तक भारत की सेना, वायुसेना और नौसेना ने अपने संसाधनों में वृधि की है और नए हथियार तैनात किए हैं. पाकिस्तान के साथ जारी तनाव ने भारत को तैयार रहने के लिए प्रेरित किया है, लेकिन दशकों पुराने हथियारों को बदलने और स्वदेशी उत्पादन बढ़ाने की चुनौतियां अभी भी बरकरार हैं.

स्रोत: उपरोक्त सभी आंकड़े और ब्योरे भरोसेमंद स्रोतों (रक्षा विशेषज्ञ रिपोर्ट, समाचार एजेंसियां, आधिकारिक घोषणाएं) पर आधारित हैं.

sundayguardianlive.com

english.mathrubhumi.com

thedefensepost.com

dassault-aviation.com

en.wikipedia.org

en.wikipedia.org

thebulletin.org

airforce-technology.com

armyrecognition.com

reuters.com

reuters.com

reuters.com

Share Now

\