Egg Attack on Kunal Ghosh: कोलकाता में ममता बनर्जी के घर के बाहर टीएमसी नेता कुणाल घोष पर फेंका गया अंडा, सुरक्षाकर्मियों ने युवक को पकड़ा (Watch Video)
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के कोलकाता स्थित कालीघाट आवास के बाहर तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और नव-नियुक्त उत्तर कोलकाता संगठनात्मक जिला अध्यक्ष कुणाल घोष पर अंडा फेंकने का मामला सामने आया है. पुलिस ने मौके से ही एक युवक को हिरासत में लिया है.
कोलकाता, 15 जून: पश्चिम बंगाल की राजनीति (Politics of West Bengal) में जारी तनाव के बीच सोमवार को सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) के वरिष्ठ नेता और विधायक कुणाल घोष (Kunal Ghosh) को सार्वजनिक रूप से विरोध का सामना करना पड़ा. कोलकाता में पार्टी सुप्रीमो और मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) के कालीघाट स्थित आवास के बाहर अज्ञात तत्वों ने कुणाल घोष के वाहन और उन पर कथित तौर पर अंडा (Egg) फेंककर हमला किया. यह घटना उस समय हुई जब वे मुख्यमंत्री आवास पर आयोजित एक हाई-प्रोफाइल संगठनात्मक बैठक में भाग लेकर बाहर निकल रहे थे. वहां मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंडा फेंकने वाले स्थानीय युवक को मौके पर ही दबोच लिया, जिससे स्थिति और अधिक बिगड़ने से बच गई. यह भी पढ़ें: TMC में बगावत तेज: 'सही समय आने पर बोलूंगी', बागी गुट में शामिल होने की अटकलों पर बोलीं सांसद सयानी घोष (Watch Videos)
बैठक के बाद बाहर निकलते ही हुआ हमला
प्राप्त जानकारी के अनुसार, कुणाल घोष को हाल ही में उत्तर कोलकाता संगठनात्मक जिले का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है. सोमवार शाम को वे पार्टी की एक महत्वपूर्ण बैठक समाप्त होने के बाद जैसे ही कालीघाट परिसर से बाहर निकले और मीडियाकर्मियों व कार्यकर्ताओं की भीड़ के बीच पहुंचे, तभी भीड़ में मौजूद एक युवक ने उन्हें निशाना बनाते हुए अंडा फेंक दिया.
सुरक्षा के कड़े इंतजामों के बीच हुई इस घटना से मौके पर कुछ समय के लिए अफरा-तफरी मच गई. ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों ने आरोपी युवक को तुरंत हिरासत में ले लिया और आगे की पूछताछ के लिए थाने ले गई. पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि इस घटना के पीछे किसी राजनीतिक दल का हाथ है या यह व्यक्तिगत आक्रोश का नतीजा था.
TMC नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला
टीएमसी नेतृत्व को लगातार झेलना पड़ रहा है विरोध
पश्चिम बंगाल में पिछले कुछ समय से तृणमूल कांग्रेस के नेताओं के खिलाफ जनता और विपक्षी कार्यकर्ताओं का गुस्सा अलग-अलग रूपों में सामने आ रहा है. राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, पार्टी के भीतर चल रही आंतरिक खींचतान और कुछ स्थानीय मुद्दों को लेकर जनता में उपजा असंतोष इस तरह की घटनाओं के रूप में बाहर आ रहा है. राज्य के विभिन्न हिस्सों में हाल के दिनों में सत्तारूढ़ दल के नेताओं को इसी तरह के हिंसक या आक्रामक विरोध प्रदर्शनों का सामना करना पड़ा है.
पहले भी निशाने पर रहे हैं बड़े नेता
कुणाल घोष पर हुआ यह हमला कोई एकलौती घटना नहीं है. इससे कुछ ही दिन पहले:
- तृणमूल कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अभिषेक बनर्जी और सांसद कल्याण बनर्जी को भी क्रमशः सोनारपुर और हुगली में इसी तरह के उग्र विरोध का सामना करना पड़ा था, जहां उन पर पत्थर और अंडे फेंके गए थे.
- इसके अलावा, भ्रष्टाचार या अन्य मामलों में गिरफ्तार किए गए स्थानीय टीएमसी नेताओं (जैसे आशीष चक्रवर्ती और बप्पाादित्य दासगुप्ता) को जब पुलिस अदालत ले जा रही थी, तब भी गुस्साई भीड़ ने उनके खिलाफ नारेबाजी की थी और उनके वाहनों में तोड़फोड़ की कोशिश की थी.
इस ताजा घटना के बाद कोलकाता पुलिस ने मुख्यमंत्री आवास के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक कड़ा कर दिया है, ताकि भविष्य में इस तरह की सुरक्षा चूक दोबारा न हो सके.