कल का मौसम: पटना, नालंदा, जहानाबाद समेत बिहार के अन्य जिलों में 14 जुलाई को मौसम कैसा रहेगा?

बिहार में मानसून की सक्रियता के बीच मौसम विज्ञान केंद्र ने 14 जुलाई 2026 को पटना, नालंदा और जहानाबाद समेत कई जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. इन इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश और तेज हवाएं चलने की संभावना है.

(Photo Credits File)

कल का मौसम: बिहार में मानसून की रफ्तार एक बार फिर तेज हो गई है. मौसम विज्ञान केंद्र पटना ने कल, 14 जुलाई को राजधानी पटना, नालंदा और जहानाबाद सहित राज्य के कई मध्य, दक्षिण और पूर्वी जिलों के लिए येलो अलर्ट जारी किया है. मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ छिटपुट आंधी-तूफान (Scattered Thunderstorms) और मध्यम बारिश होने की प्रबल संभावना है. इस दौरान आसमान में मुख्य रूप से बादल छाए रहेंगे और कुछ स्थानों पर वज्रपात (बिजली गिरने) की भी आशंका जताई गई है.

पटना और आसपास के जिलों का तापमान

मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक, 14 जुलाई को राजधानी पटना में अधिकतम तापमान 33 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की उम्मीद है. वहीं, अगर पूरे बिहार के औसत तापमान की बात करें, तो अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस तक दर्ज किया जा सकता है. आर्द्रता (Humidity) का स्तर लगभग 77% से 79% के बीच रहेगा, जिससे बारिश के बावजूद उमस भरी गर्मी का अहसास हो सकता है.

इन जिलों में रहेगा असर, यहाँ साफ रहेगा मौसम

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, 14 जुलाई को वैशाली, समस्तीपुर, बेगूसराय, पटना, जहानाबाद, नालंदा, शेखपुरा, लखीसराय, नवादा, गया, भागलपुर और बांका जैसे जिलों में आंधी-तूफान और बारिश का प्रभाव अधिक देखने को मिलेगा. इन इलाकों में पूर्व की दिशा से 6 से 7 मील प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं.

इसके विपरीत, पश्चिमी चंपारण, पूर्वी चंपारण, गोपालगंज, सीवान, सारण, सीतामढ़ी और मुजफ्फरपुर सहित कुछ उत्तरी और पश्चिमी जिलों में मौसम मुख्य रूप से साफ रहने की उम्मीद है, जिससे वहां के निवासियों को उमस से थोड़ी राहत मिल सकती है.

मौसम विभाग की सलाह

यह बदलाव पूर्वी और उत्तर-पूर्वी भारत में सक्रिय मानसून प्रणालियों के कारण आ रहा है. विभाग ने चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि गरज-चमक के दौरान लोग खुले मैदानों, पेड़ों या बिजली के खंभों के नीचे शरण लेने से बचें. विशेष रूप से ग्रामीण इलाकों में किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम खराब होने पर खेतों में जाने से परहेज करें ताकि वज्रपात जैसी दुर्घटनाओं से सुरक्षित रहा जा सके.

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