विदेश की खबरें | शी ने सत्तारूढ कम्युनिस्ट पार्टी पर मजबूत वैचारिक व सैद्धांतिक पकड़ बना ली है

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. यह अगले साल होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए पार्टी के नेता के तौर पर उनके तीसरे कार्यकाल के लिए, माओत्से तुंग और देंग शियोपिंग जैसा दर्जा हासिल करने की जमीन तैयार करता है। माओ ने 1949 में चीनी गणराज्य की स्थापना की थी, जबकि शियोपिंग ने तीन दशक बाद अर्थव्यवथा को खोला था।

यह अगले साल होने वाले राष्ट्रीय अधिवेशन के लिए पार्टी के नेता के तौर पर उनके तीसरे कार्यकाल के लिए, माओत्से तुंग और देंग शियोपिंग जैसा दर्जा हासिल करने की जमीन तैयार करता है। माओ ने 1949 में चीनी गणराज्य की स्थापना की थी, जबकि शियोपिंग ने तीन दशक बाद अर्थव्यवथा को खोला था।

हालिया घटनाक्रमों के निहितार्थ पर एक नजर :

हालांकि, नियम अलिखित हैं, लेकिन उनसे पहले के दो पूर्वाधिकारियों को राष्ट्रपति का कार्यकाल सीमित रहने को ध्यान में रखते हुए महज दो कार्यकाल मिले थे।

शी (68), माओ और देंग के मित्र रहे एक पूर्व उच्च अधिकारी के बेटे हैं। शी ने नये युग में चीनी विशेषताओं वाले समाजवाद की हाइब्रिड अर्थव्यवस्था को लागू कर सफलता की सीढ़ियां चढ़ी है।

शी ने चीनी राष्ट्र के महान पुनर्जीवन और संपन्नता के चीनी सपने का आह्वान कर इसे अपना एक मानदंड बनाया।

उन लक्ष्यों को पूरा करने के दो आधार हैं, पार्टी के शताब्दी वर्ष के जरिए अपेक्षाकृत एक कहीं अधिक समृद्ध समाज बनाना, जिसे वह हासिल करने का दावा करते हैं और एक समृद्ध, मजबूत, लोकतांतत्रिक, सांस्कृतिक रूप से अग्रसर व सौहार्द्रपूर्ण आधुनिक समाज का निर्माण करना।

इन सभी चीजों का लक्ष्य यह प्रायोजित करना है कि शी के तहत पार्टी ने एक प्रणाली बनाई है जो समय को स्वीकार्य है और अपने नागरिकों व उनके परिवार की बेहतर गुणवत्ता वाले जीवन तथा अंतरराष्ट्रीय समुदाय में चीन के लिए कहीं अधिक सम्मान की आकांक्षा को पूरा करती है।

बैठक का शी के लिए क्या मतलब है ?

कम्युनिस्ट पार्टी के 100 वर्षों के इतिहास में पार्टी की केंद्रीय समिति द्वारा बृहस्पतिवार को जारी दस्तावेज अब तक का ऐसा तीसरा दस्तावेज है। पहला माओ के तहत 1945 में, दूसरा देंग के तहत 1981 में जारी किया गया था। यह शी को चीन के 100 वर्षों के इतिहास में निश्चित तौर पर एक प्रभावशाली नेता बनाता है।

बैठक का क्या उद्देश्य था?

अधिवेशन का उद्देश्य सोच में एकजुटता बनाना था। इसमें केंद्रीय समिति के 400 शीर्ष अधिकारी शामिल हुए।

केंद्रीय समिति की नीति अनुसंधान कार्यालय के निदेशक जियांग जिनकुआन ने शुक्रवार की प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘चाहे कितनी भी बड़ी विपत्ति क्यों ना आ जाए, हम हमेशा ही शांत रहेंगे।’’

शी आगे किन चुनौतियों का सामना करेंगे?

शी देश में किसी राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी का सामना नहीं कर रहे हैं लेकिन उन्हें एक मुश्किल आर्थिक स्थिति का सामना करना पड़ सकता है और कोविड-19 के खिलाफ भी चीन को अब तक ज्यादा सफलता नहीं मिली है।

विदेशों में शी ने एक कड़ा रुख अपनाया है। चीन सरकार ने उनकी बेल्ट ऐंड रोड बुनियादी ढांचा पहल और शिंजियांग में उइगर और मुस्लिम अल्पसंख्यक समूहों के मानवाधिकार हनन, हांगकांग में अधिकारों में कटौती के बारे में शिकायतों को सिरे से खारिज कर दिया है।

व्यापार, प्रौद्योगिकी पर विवाद और ताइवान को चीनी धमकी को लेकर अमेरिका के साथ उसके संबंध तनावपूर्ण हैं।

इंस्टीट्यूट ऑफ पार्टी हिस्ट्री ऐंड लिटरेचर के निदेशक क्यु क्विंगशान ने शुक्रवार की प्रेस वार्ता में कहा, ‘‘कॉमरेड शी के साथ पार्टी की केंद्रीय समिति के मजबूत नेतृत्व के तहत हम पूरी पार्टी को एक अटूट लोहे की तरह आगे ले जाएंगे।’’

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