देश की खबरें | स्कूलों में स्मार्टफोन के इस्तेमाल पर प्रतिबंध लगाना चाहिए या नहीं? कई देशों में बहस जारी

नयी दिल्ली, 16 फरवरी दुनिया भर में कम से कम 79 शिक्षा प्रणालियों ने स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगा दिया है, ऐसे में कई देशों में बच्चों की शिक्षा और निजता पर इसके प्रभाव को लेकर बहस जारी है।

‘संयुक्त राष्ट्र शैक्षिक, वैज्ञानिक एवं सांस्कृतिक संगठन’ (यूनेस्को) की वैश्विक शिक्षा निगरानी (जीईएम) टीम के अनुसार, 60 शिक्षा प्रणालियों (या वैश्विक स्तर पर पंजीकृत कुल शिक्षा प्रणालियों का 30 प्रतिशत) ने विशेष कानूनों या नीतियों के माध्यम से 2023 के अंत तक स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगा दिया है। 2024 के अंत तक 19 और शिक्षा प्रणालियां इस सूची में शामिल हो गईं, जिससे इसकी संख्या बढ़कर 79 (या 40 प्रतिशत) हो गई।

भारत ने अब तक शैक्षणिक संस्थानों में स्मार्टफोन के उपयोग पर कोई विशिष्ट कानून या नीति नहीं बनाई है।

पिछले साल कुछ प्रतिबंध और भी सख्त किए गए हैं। उदाहरण के लिए, चीन के झेंग्झौ शहर ने प्राथमिक और माध्यमिक विद्यालयों में फोन के इस्तेमाल संबंधी प्रतिबंध कड़े कर दिये और अभिभावकों से लिखित सहमति मांगी गई कि क्या फोन वास्तव में शैक्षणिक कारणों से जरूरी है।

फ्रांस में निम्न माध्यमिक स्तर के स्कूलों में ‘‘डिजिटल ब्रेक’’ (डिजिटल उपकरणों से दूरी) का सुझाव दिया गया है। फ्रांस में अन्य शिक्षा स्तरों पर पहले से ही फोन पर प्रतिबंध है।

इसके विपरीत, सऊदी अरब ने चिकित्सा उद्देश्यों के मद्देनजर दिव्यांग समूहों द्वारा विरोध के कारण अपने प्रतिबंध को वापस ले लिया।

‘जीईएम’ टीम के एक वरिष्ठ अधिकारी ने ‘पीटीआई-’ को बताया, ‘‘(शैक्षणिक प्रणालियों के) इस मानचित्रण में संघीय देशों के सभी उप-राष्ट्रीय क्षेत्राधिकारों को शामिल नहीं किया गया है, हालांकि चार का विस्तार से मूल्यांकन किया गया है। उदाहरण के लिए ऑस्ट्रेलिया में नौ क्षेत्रों में से दो (न्यू साउथ वेल्स और साउथ ऑस्ट्रेलिया) ने प्रतिबंध लगाए हैं, जबकि स्पेन में 17 स्वायत्त समुदायों (बास्क कंट्री, स्पेन के पूर्वोत्तर भाग में स्थित एक स्वायत्त समुदाय), ला रियोजा, नवरे) में से तीन को छोड़कर सभी ने प्रतिबंध लगाए हैं।’’

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