गुवाहाटी, 27 अगस्त लोकसभा में कांग्रेस के उपनेता गौरव गोगोई ने मंगलवार को आरोप लगाया कि असम के मुख्यमंत्री जब भी दबाव में होते हैं, तो समाज को बांटने में लग जाते हैं।
असम के मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने कहा कि वह पक्षपात करेंगे और ‘मिया’ मुसलमानों को असम पर कब्जा नहीं करने देंगे। इसके कुछ घंटे बाद गोगोई ने यह आरोप लगाया।
नगांव जिले के धींग में सामूहिक बलात्कार की घटना के बाद शर्मा के हाल के बयानों पर प्रतिक्रिया देते हुए गोगोई ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘जब भी मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा दबाव में होते हैं, तो वह समाज को बांटने की कोशिश करते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने विश्वास जताया कि असम के लोग शर्मा से अधिक समझदार हैं और वे उनकी ‘‘विभाजनकारी बयानबाजी’’ में नहीं फंसेंगे।
गोगोई ने कहा, ‘‘वह जानते हैं कि एक मुख्यमंत्री के रूप में विफल रहे हैं। असम के लोग एकजुट रहेंगे और 2026 में उनकी अहंकारी सरकार को वोट देकर सत्ता से बाहर कर देंगे।’’
राज्य में महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों से उत्पन्न स्थिति पर चर्चा के लिए विधानसभा में चार स्थगन प्रस्तावों पर शर्मा ने कहा कि कांग्रेस और एआईयूडीएफ के बीच अल्पसंख्यक मतों के लिए प्रतिस्पर्धा है, लेकिन वह इस दौड़ में नहीं हैं।
जब विपक्ष के कुछ नेताओं ने मुख्यमंत्री पर पक्षपात का आरोप लगाया तो उन्होंने कहा, ‘‘मैं पक्षपात करुंगा। आप क्या कर सकते है?’’
शर्मा ने कहा, ‘‘लोअर असम के लोग अपर असम क्यों जाएंगे? ताकि मिया मुस्लिम असम पर कब्जा कर लें? हम ऐसा नहीं होने देंगे।’’
बांग्लाभाषी मुस्लिम समुदाय के लोगों के लिए ‘मिया’ शब्द का इस्तेमाल विरोध स्वरूप किया जाता रहा है और गैर-बांग्ला भाषी लोग आमतौर पर उन्हें बांग्लादेशी प्रवासी बताते हैं। पिछले कुछ साल में गैर-बांग्ला भाषी समुदाय के लोगों ने इस शब्द का इस्तेमाल शुरू कर दिया है।
नगांव जिले के धींग में 22 अगस्त की शाम को 14 वर्षीय एक लड़की के साथ तीन लोगों ने उस समय कथित तौर पर बलात्कार किया था, जब वह ट्यूशन से साइकिल पर घर लौट रही थी।
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