ताजा खबरें | खावड़ा में अक्षय ऊर्जा संयंत्र को लेकर सरकार के जवाब से असंतुष्ट विपक्ष का लोकसभा से वॉकआउट

Get latest articles and stories on Latest News at LatestLY. गुजरात के खावड़ा में स्थापित किए जा रहे अक्षय ऊर्जा संयंत्र के मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने बुधवार को लोकसभा से वॉकआउट किया।

नयी दिल्ली, 12 मार्च गुजरात के खावड़ा में स्थापित किए जा रहे अक्षय ऊर्जा संयंत्र के मुद्दे पर सरकार के जवाब से असंतुष्ट कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सदस्यों ने बुधवार को लोकसभा से वॉकआउट किया।

कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने प्रश्नकाल में सरकार से पूछा कि क्या खावड़ा में लगाए जा रहे संयंत्र के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रोटोकॉल में कोई ढील दी गई है?

उन्होंने कहा, ‘‘खावड़ा (गुजरात) में एक बहुत बड़ा अक्षय ऊर्जा संयंत्र लगाया जा रहा है। यह भारत पाकिस्तान सीमा के एक किलोमीटर के दायरे में है।’’

तिवारी ने पूरक प्रश्न में सरकार से पूछा, ‘‘सरकार बताए कि क्या इस परियोजना के लिए राष्ट्रीय सुरक्षा के प्रोटोकॉल में ढील दी गई है और भारत सरकार ने इस मिश्रित नवीकरणीय ऊर्जा परियोजना जिसमें सौर ऊर्जा और पवन ऊर्जा दोनों का उत्पादन होगा, के लिए कितनी रियायत दी है?’’

केंद्रीय नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री प्रह्लाद जोशी ने अपने जवाब में कहा कि जब भी किसी परियोजना को मंजूरी दी जाती है तो केंद्र, राज्यों एवं अन्य संबंधित निकायों से समस्त आवश्यक लाइसेंस आदि प्राप्त किए जाते हैं।

विपक्ष के सदस्य मंत्री के जवाब पर असंतोष जताने लगे। कुछ सदस्यों को यह कहते हुए भी सुना गया कि प्रश्न का जवाब नहीं दिया गया है।

कुछ मिनट तक नारेबाजी के बाद कांग्रेस, द्रमुक और राकांपा (एसपी) समेत विपक्षी दलों के सदस्यों ने सदन से वॉकआउट किया।

बाद में मनीष तिवारी ने संसद परिसर में ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘ऊर्जा सुरक्षा और राष्ट्रीय सुरक्षा के बीच एक समन्वय जरूरी है। खावड़ा में अक्षय ऊर्जा की एक बहुत बड़ी परियोजना लग रही है। वो परियोजना भारत-पाकिस्तान की सीमा के एक किलोमीटर के दायरे में लगेगी। राष्ट्रीय सुरक्षा के निर्देशानुसार कोई भी परियोजना सीमा के दस किलोमीटर के दायरे तक नहीं लग सकती।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इसलिए आज हमने सरकार से पूछा कि क्या सरकार ने राष्ट्रीय सुरक्षा के निर्देशों में छूट दी है। क्योंकि सरकार की तरफ से कोई संतोषजनक जवाब नहीं आया, इसलिए सारे विपक्ष ने सदन का बहिष्कार किया।’’

गौरतलब है कि अडानी ग्रीन एनर्जी गुजरात के खावड़ा में एक अक्षय ऊर्जा संयंत्र विकसित कर रही है।

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