देश की खबरें | नाबालिग लड़की की हत्या पर वीडियो: अदालत ने यूट्यूबर के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगाई
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बेंगलुरु, 11 मार्च कर्नाटक उच्च न्यायालय ने एक नाबालिग लड़की की कथित दुष्कर्म के बाद हत्या के मामले पर वीडियो बनाने पर यूट्यूबर समीर एम डी के खिलाफ दर्ज प्राथमिकी पर मंगलवार को रोक लगा दी।
श्री धर्मस्थल मंजुनाथेश्वर कॉलेज की द्वितीय वर्ष की इस ‘प्री-यूनिवर्सिटी’ छात्रा (17) की नौ अक्टूबर 2012 को कथित तौर पर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी।
न्यायमूर्ति हेमंत चंदनगौदर ने भारतीय न्याय संहिता, 2023 की धारा 299 (धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना) के तहत बेलारी के काउल बाजार थाने में दर्ज प्राथमिकी पर रोक लगाकर याचिकाकर्ता समीर को अंतरिम राहत प्रदान की।
समीर ने अपने यूट्यूब चैनल ‘धूता: समीर एमडी’ पर ‘धर्मस्थल सौजन्य केस’ शीर्षक से एक वीडियो साझा किया था, जिसे 1.8 करोड़ से अधिक बार देखा गया है।
वीडियो में धर्मस्थल क्षेत्र में दशकों से चल रहे कई आपराधिक मामलों पर प्रकाश डाला गया है । इस वीडियो 2012 में एक नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और उसकी हत्या, संतोष राव को गलत तरीके से दोषी ठहराये जाने और बाद में उसे बरी किये जाने तथा कई आपराधिक जांचों में कथित रूप से प्रभाव डालने के परिपाटी को रेखांकित किया गया है।
काउल बाजार पुलिस ने पांच मार्च 2025 को स्वतः संज्ञान लेते हुए मामला दर्ज किया जिसमें आरोप लगाया गया कि वीडियो धर्मस्थल और उसके धार्मिक नेताओं के प्रति लोगों की भावनाओं को आहत करने वाला था।
समीर की ओर से पेश करने वाले ‘एडवोकेट ऑन रिकॉर्ड’ ए. वेलन ने दलील दी कि प्राथमिकी कानूनी प्रक्रिया का घोर दुरुपयोग है और याचिकाकर्ता के अभिव्यक्ति के मौलिक अधिकार का उल्लंघन है।
नाबालिग लड़की से दुष्कर्म और हत्या का यह मामला कर्नाटक में, खास तौर पर तटीय क्षेत्र में काफी चर्चित रहा। छात्रा का शव नेत्रावती नदी के पास मिला था और उसके हाथ शॉल से पेड़ से बंधे हुए थे।
पुलिस ने संतोष राव पर हत्या का आरोप लगाया लेकिन 16 जून 2023 को बेंगलुरु सत्र न्यायालय ने उसे बरी कर दिया।
पीड़िता के परिवार ने पूरी कानूनी कार्यवाही के दौरान कहा कि संतोष राव को गलत तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने जांच में खामियां होने का आरोप लगाया और कहा कि धर्मस्थल के एक धार्मिक नेता वीरेंद्र हेगड़े ने वास्तविक अपराधियों को बचाया है।
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