बदायूं, 11 मार्च उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले के किशोर न्याय बोर्ड ने एक नाबालिग लड़की द्वारा करीब आठ वर्ष पूर्व बचपन में किये अपराध की सुनवाई करते हुए उसे सजा के तौर पर उससे शुभ संकल्पों का वायदा लेते हुए भविष्य में किसी प्रकार का अपराध न करने की नसीहत दी और साथ ही मामले को निस्तारित कर दिया।
किशोर न्याय बोर्ड के सदस्य अरविंद किशोर गुप्ता ने बताया कि वर्ष 2017 में एक गांव में हुई घटना के बाद सात साल 11 माह की बच्ची को मारपीट एवं गाली गलौज के आरोप में भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं के तहत आरोपित किया गया था। अब वह किशोरावस्था में आ चुकी है।
किशोर न्याय बोर्ड-बदायूं की प्रधान मजिस्ट्रेट रोहिणी उपाध्याय, सदस्य अरविन्द किशोर गुप्ता व श्रीमती प्रमिला गुप्ता की न्यायिक पीठ ने एकमत होते हुए इस मामले में नाबालिग लड़की के भविष्य को ध्यान में रखते हुए उसे राष्ट्र व सामाजिक कार्य के लिए प्रेरणा दी, साथ ही भविष्य में कोई भी अपराध न करने की चेतावनी देकर मुकदमा निस्तारित किया।
इससे पहले लड़की ने भी समाज व राष्ट्र को समर्पित रहते हुए अपने जीवन में कुछ महत्वपूर्ण करने की इच्छा जाहिर की जिसे बोर्ड ने गंभीरता व सहानुभूति के साथ लिया और उसे कोई सजा न देकर अच्छे कार्यों के लिए प्रेरित किया।
अधिवक्तागण व अभिभावक गण ने किशोर न्याय बोर्ड के फैसले का स्वागत करते हुए लड़की को होली की बधाई दी व उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
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