देश की खबरें | उप्र : मायावती ने बुद्ध पूर्णिमा पर बधाई दी

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लखनऊ, पांच मई बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख मायावती ने शुक्रवार को देश एवं दुनिया भर में रहने वाले गौतम बुद्ध के समस्त अनुयाइयों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई दी।

बसपा नेता ने एक ट्वीट में कहा, ‘‘महामानवतावादी तथागत गौतम बुद्ध के देश व दुनिया भर में रहने वाले समस्त अनुयाइयों को बुद्ध पूर्णिमा की हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं। बुद्ध के सत्य, अहिंसा, भाईचारा आदि के मानवीय आदर्शों पर चलकर भारत को आगे बढ़ाने का सतत प्रयास बहुत जरूरी है, जो वास्तव में उन्हें सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’’

बाद में बसपा नेता मायावती ने एक बयान में कहा, ‘‘तथागत गौतम बुद्ध, जिन्होंने सत्य, अहिंसा, भाईचारा एवं मानवता की आदर्श ज्योति को पूरी दुनिया में फैलाकर भारत को जगद्गुरु का सम्मान दिलाया, उनकी जयन्ती पर खासकर जाति-भेद, हिंसक मनोवृति, द्वेष आदि को जीवन से त्यागने की प्रतिज्ञा को दोहराने का दिन है, क्योंकि इसी में जीवन व देश में सच्ची सुख-शान्ति एवं तरक्की निहित है।’’

बसपा प्रमुख ने कहा कि इसका मूल बाबा साहेब डॉ. भीमराव आंबेडकर ने देश के संविधान में पूरी तरह से स्थापित किया है, लेकिन सरकारों ने अपने संकीर्ण स्वार्थ की खातिर इसे देश के आम जीवन में उतारने की अपनी जिम्मेदारी को भुला दिया है, जिस कारण आज देश का जनजीवन आम सुख-शान्ति से दूर अफरातफरी का शिकार है और सरकारें भी काफी असहज व दुःखी नजर आती हैं।

उन्‍होंने विपक्षी दलों पर तंज कसते हुए कहा, ‘‘वैसे तो महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों आदि के आगे नमन व उनके आगे माथा टेकना अलग बात है, लेकिन इसका इस्तेमाल घोर राजनीतिक स्वार्थ के लिए किए जाने का प्रचलन अनुचित है, जो आज हर तरफ दिखाई देता है। ऐसे दिखावटी और नुमाइशी कृत्यों से समाज व देश का भला नहीं होने वाला है।’’

बसपा नेता ने कहा कि इसीलिए सभी प्रकार के द्वेष, विद्वेष एवं संकीर्णता आदि को त्याग कर तथागत गौतम बुद्ध के जीवन आदर्शों पर चलकर समाज हित के साथ-साथ खासकर देश को फिर से जगद्गुरु बनाने के ईमानदार प्रयास की सख्त जरूरत है, जिसके लिए बसपा संवैधानिक मार्ग पर चलकर इस दिशा में लगातार प्रयासरत और संघर्षरत है तथा इससे कतई भी पीछे हटने वाली नहीं है।

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसे खास सामाजिक एवं आर्थिक परिवर्तन के मिशन में समाज के साथ-साथ सरकारों को भी अपनी नीयत व नीति को पाक-साफ एवं ईमानदार बनाकर कथनी एवं करनी के अन्तर को पूरी तरह से मिटाना होगा, जो वास्तव में माथा टेकने से ज्यादा तथागत गौतम बुद्ध को सच्ची श्रद्धांजलि होगी।’’

बुद्ध पूर्णिमा बौद्ध समुदाय का एक प्रमुख उत्सव है, जिसे दुनियाभर के बुद्ध अनुयायी खूब धूमधाम और हर्षोल्लास से मनाते हैं। यह पर्व हर साल वैशाख माह की पूर्णिमा को मनाया जाता है। माना जाता है कि इसी दिन गौतम बुद्ध का जन्म हुआ था।

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