देश की खबरें | केंद्रीय मंत्रिमंडल ने भारत, जापान के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में समझौते को मंजूरी दी
एनडीआरएफ/प्रतीकात्मक तस्वीर (Photo Credits: ANI)

नयी दिल्ली, सात अक्टूबर केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को भारत और जापान के बीच साइबर सुरक्षा के क्षेत्र में एक सहयोग समझौते (एमओसी) पर हस्ताक्षर करने के लिए अपनी मंजूरी दे दी।

सरकार की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है, ‘‘भारत और जापान एक खुले, अंतर-संचालित, मुक्त, निष्पक्ष, सुरक्षित और विश्वसनीय साइबर स्पेस वातावरण और नवाचार, आर्थिक विकास और व्यापार तथा वाणिज्य के एक इंजन के रूप में इंटरनेट को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं, जो उनके संबंधित घरेलू कानूनों, अंतरराष्ट्रीय दायित्वों और उनकी व्यापक रणनीतिक साझेदारी के अनुरूप होगा।’’

यह भी पढ़े | Bihar Assembly Elections 2020: चुनाव से पहले BJP को तीसरा बड़ा झटका, वरिष्ठ नेता रामेश्वर चौरसिया LJP में शामिल.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आज केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक हुई थी, जिसमें इस समझौते को मंजूरी दी गई।

सरकार का कहना है कि यह समझौता आपसी हित के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाएगा, जिसमें अन्य बातों के साथ, साइबर स्पेस के क्षेत्र में क्षमता निर्माण, महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे की सुरक्षा, उभरती प्रौद्योगिकियों में सहयोग, साइबर सुरक्षा खतरों और दुर्भावनापूर्ण साइबर गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा करना शामिल है।

यह भी पढ़े | IPL 2020: कोलकाता नाइट राइडर्स ने टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने का लिया फैसला: 7 अक्टूबर 2020 की बड़ी खबरें और मुख्य समाचार LIVE.

इस समझौते को ऐसे समय में मंजूरी दी गई है जब चीन द्वारा भारत पर साइबर हमला किए जाने को लेकर आशंकाएं जताई जा रही हैं, खासकर भारत द्वारा चीन से संबंधित 100 से अधिक मोबाइल एप पर प्रतिबंध लगाए जाने के बाद।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘‘इस समझौते में साइबर सुरक्षा से जुड़ी चुनौतियों का मुकाबला करने के लिए सर्वोत्तम अभ्यास, सूचना संचार प्रौद्योगिकी (आईसीटी) बुनियादी ढांचे आदि की सुरक्षा के लिए साइबर खतरों को कम करने के लिए व्यावहारिक सहयोग की खातिर संयुक्त तंत्र का विकास करना शामिल है।’’

यह समझौता दोनों पक्षों की ओर से, संयुक्त राष्ट्र में अंतरराष्ट्रीय क्षेत्र में सहयोग, आईसीटी उत्पादों की आपूर्ति श्रृंखला की समग्रता के लिए सर्वोत्तम तरीकों को बढ़ावा देने, चर्चा एवं रणनीतियां साझा करने, सरकार से सरकार और व्यापार-से-व्यापार सहयोग के माध्यम से आईसीटी बुनियादी ढांचे की सुरक्षा को मजबूत करने, इंटरनेट गवर्नेंस मंचों में निरंतर संवाद और जुड़ाव और इन मंचों में दोनों देशों के सभी हितधारकों द्वारा सक्रिय भागीदारी के समर्थन की पुष्टि करता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)