श्रीनगर, आठ सितंबर नेशनल कॉन्फ्रेंस (नेकां) के नेता उमर अब्दुल्ला ने शुक्रवार को यहां कहा कि यदि केंद्र सरकार में हिम्मत है तो वह देश का नाम ‘इंडिया’ हटाकर केवल ‘भारत’ करने संबंधी मुद्दा संसद में लाए।
ऐसी अटकलें हैं कि सरकार देश का नाम इंडिया हटाकर केवल भारत कर सकती है। इस पर अब्दुल्ला ने कहा कि यह कोई साधारण मामला नहीं है।
उन्होंने पार्टी के एक कार्यक्रम के इतर संवाददाताओं से कहा, ‘‘कोई इसे बदल नहीं सकता। क्या उनके पास संसद में दो-तिहाई बहुमत है। अगर है तो उन्हें ऐसा करने दीजिए।’’
नेकां उपाध्यक्ष ने कहा, ‘‘उन्हें देश का संविधान बदलना पड़ेगा। अगर उनमें यह करने का साहस है तो उन्हें इसे लाने दीजिए। हम देखेंगे कि इस पर कौन उन्हें समर्थन देता है।’’
उन्होंने कहा कि संविधान में दोनों नाम लिखे हैं और संविधान से ‘इंडिया’ को हटाया नहीं जा सकता है।
अब्दुल्ला ने कहा, ‘‘संविधान में यह लिखा है कि इंडिया, जो कि भारत है, वह राज्यों का एक संघ है। इसमें दोनों नाम हैं। लोग इसे इंडिया कहें या भारत या हिंदुस्तान कहें...यह उनका अधिकार है। अगर (प्रधानमंत्री नरेन्द्र) मोदी साहब इंडिया नाम का इस्तेमाल नहीं करना चाहते तो न करें लेकिन वह इसे संविधान से नहीं हटा सकते।’’
नयी दिल्ली में शनिवार से शुरू होने वाले जी20 शिखर सम्मेलन के बारे में अब्दुल्ला ने कहा कि अन्य देशों ने भी ऐसी बैठकें आयोजित की हैं और भारत के बाद अन्य सदस्य भी इसकी मेजबानी करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘वे (जी20 सदस्य देशों के प्रमुख) आए हैं, वे दिल्ली के एक छोटे-से कोने को देखेंगे और लौट जाएंगे। मैंने पढ़ा है कि इसके लिए दिल्ली के कायाकल्प पर लगभग 4,200 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। कम से कम दिल्ली के नागरिकों को तो इसका फायदा मिलेगा।’’
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