नयी दिल्ली, 11 जुलाई ऐप आधारित कैब सेवाएं देने वाली कंपनी उबर ने दुनियाभर के बाजारों में अपनी पहुंच बनाने के लिए गैरकानूनी एवं संदिग्ध तरीके अपनाने संबंधी आरोपों पर कोई बहाना नहीं बनाते हुए सोमवार को कहा कि उसे पिछले पांच वर्षों के उसके काम से आंका जाए, न कि अतीत की गलतियों से।
एक साझा मीडिया पड़ताल से यह पता चला है कि उबर ने दुनियाभर के बाजारों में खुद को मजबूत बनाने और सरकारी जांच से बचने के लिए नजर न आने वाली (स्टील्थ) तकनीक का इस्तेमाल किया।
‘उबर फाइल्स’ के इन निष्कर्षों पर प्रतिक्रिया के लिए संपर्क किए जाने पर उबर इंडिया के प्रवक्ता ने कंपनी की तरफ से वैश्विक स्तर पर जारी बयान का जिक्र किया।
इस बयान में उबर ने अतीत की ‘गलतियों’ को स्वीकार करने के साथ ही कहा है कि 2017 से मुख्य कार्यपालक अधिकारी दारा खोसरोशाही के कार्यकाल में ‘यह एक अलग कंपनी’ है।
उबर ने बयान में कहा, ‘‘हमने अतीत की उन हरकतों के लिए कोई बहाना नहीं बनाया है और न ही बनाएंगे। लेकिन यह स्पष्ट तौर पर हमारे मौजूदा मूल्यों के अनुरूप नहीं है। इसके बजाय हम लोगों से यह कहते हैं कि वे पिछले पांच वर्षों की हमारी गतिविधियों के आधार पर हमारा मूल्यांकन करें।’’
इस पड़ताल में उबर के भारतीय परिचालन से जुड़ी गतिविधियों का विस्तृत ब्योरा नहीं दिया गया है। लेकिन खोजी पत्रकारों के अंतरराष्ट्रीय गठजोड़ ने अपनी रिपोर्ट में इसका उल्लेख किया है कि उबर ने वैश्विक स्तर पर टैक्सी नियमों का किस तरह उल्लंघन किया।
उबर ने इस पर कहा, ‘‘वर्ष 2017 से पहले की उबर की गलतियों पर आई खबरों की कमी नहीं रही है। हजारों खबरें प्रकाशित हुई हैं, कई किताबें लिखी गई हैं, यहां तक कि एक टीवी सीरीज भी आ चुकी है। लेकिन पांच साल पहले कई वरिष्ठ अधिकारियों को निकाल दिया गया था।’’
प्रेम
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