विदेश की खबरें | नॉर्ड स्ट्रीम गैस पाइपलाइन विस्फोट मामले में नौका में विस्फोटकों के निशान मिले : यूरोपीय राजनयिक

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. उन्होंने कहा कि जांच से अभी यह स्थापित नहीं हुआ है कि साजिशकर्ता कौन थे और क्या कोई देश इसमें शामिल था।

श्रीलंका के प्रधानमंत्री दिनेश गुणवर्धने

उन्होंने कहा कि जांच से अभी यह स्थापित नहीं हुआ है कि साजिशकर्ता कौन थे और क्या कोई देश इसमें शामिल था।

डेनमार्क, स्वीडन और जर्मनी पिछले साल 26 सितंबर के हमले की जांच कर रहे हैं।

डेनमार्क के विदेश मंत्रालय ने मंगलवार को ट्वीट किया कि संयुक्त राष्ट्र में तीनों देशों के राजदूतों ने यूएनएससी के अध्यक्ष को अब तक की जांच की जानकारी के साथ एक पत्र सौंपा है।

अधिकारियों ने मार्च में आशंका जताई थी कि इस घटना में यूक्रेन समर्थक समूह शामिल था। जर्मन मीडिया ने तब खबर दी थी कि पांच पुरुषों और एक महिला ने हमले को अंजाम देने के लिए पोलैंड में यूक्रेन के स्वामित्व वाली कंपनी द्वारा किराये पर ली गई एक नौका का इस्तेमाल किया था। यह नौका जर्मनी के रोस्टॉक बंदरगाह से रवाना हुई थी।

जर्मन संघीय अभियोजकों ने खबरों पर सीधी टिप्पणी से इनकार कर दिया है, लेकिन पुष्टि की है कि जनवरी में एक नौका की तलाशी ली गई थी और आशंका जताई गई थी कि संबंधित नौका का इस्तेमाल पाइपलाइन को उड़ाने में विस्फोटक उपकरणों के परिवहन के लिए किया गया होगा।

इस सप्ताह पत्र के एक हिस्से में जर्मनी के निष्कर्षों का विवरण देते हुए कहा गया है कि नौका का सटीक मार्ग अभी तक पता नहीं चल पाया है। पत्र में कहा गया है, ‘‘जांच के दौरान नाव से लिये गए नमूनों में समुद्र के भीतर विस्फोटक के निशान पाये गए’’ लेकिन विस्तार से नहीं बताया गया है।

पत्र के अनुसार, ‘‘इस बिंदु पर साजिश रचने वालों की पहचान और उनके इरादों को ठोस रूप से स्थापित करना संभव नहीं है, खासकर, इस सवाल के संबंध में कि क्या घटना किसी देश या देश-प्रायोजित तत्व द्वारा संचालित थी।’’

समुद्र के नीचे हुए विस्फोटों में नॉर्ड स्ट्रीम-एक पाइपलाइन क्षतिग्रस्त हो गई। अगस्त के अंत में रूस द्वारा आपूर्ति बंद करने तक, जर्मनी के लिए यह प्राकृतिक गैस आपूर्ति का मुख्य मार्ग था। नॉर्ड स्ट्रीम-दो पाइपलाइन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। इस पाइपलाइन से आपूर्ति कभी शुरू नहीं हो पाई, क्योंकि फरवरी 2022 में रूस द्वारा यूक्रेन पर हमला करने से कुछ समय पहले जर्मनी ने अपनी प्रमाणन प्रक्रिया को स्थगित कर दिया था।

पाइपलाइन लंबे समय से अमेरिका और उसके कुछ सहयोगियों की आलोचना के केंद्र में थी, जिन्होंने आगाह किया था कि इसने रूसी गैस पर निर्भरता बढ़ाकर यूरोप की ऊर्जा सुरक्षा के लिए खतरा पैदा किया है।

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और वहां के अधिकारियों ने अमेरिका पर पाइपलाइन में विस्फोट कराने का आरोप लगाया। वहीं, यूक्रेन ने उन आरोपों को खारिज कर दिया कि उसने हमले का आदेश दिया। विस्फोटों की जांच कर रहे देशों ने इस पर कोई टिप्पणी नहीं की है कि कौन जिम्मेदार हो सकता है।

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)

Share Now