जरुरी जानकारी | शहरीकरण के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी लाने की जरूरत: नीति उपाध्यक्ष
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नयी दिल्ली, 16 सितंबर नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने बृहस्पतिवार को कहा कि शहरीकरण के साथ कार्बन उत्सर्जन में कमी किये जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि भारत का शहरी क्षेत्र देश की आर्थिक वृद्धि को गति देगा।
‘शहरी योजना में सुधार’ पर जारी रिपोर्ट में नीति आयोग के उपाध्यक्ष ने कहा कि देश में शहरी नियोजन क्षमता की कमियों को दूर करने की सख्त जरूरत है। ऐसा नहीं होने पर तीव्र, टिकाऊ और समान विकास का एक बड़ा अवसर गंवाने का खतरा है।
कुमार ने नगर योजना बनाने वालों की कमी का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि लगभग 4,700 शहरी स्थानीय निकायों को सेवाएं प्रदान करने के लिए विशेषज्ञों की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा कि कार्बन उत्सर्जन को कम करने के लिए ‘स्मार्ट’ और ‘कार्बन पॉजिटिव’ (कार्बन उत्सर्जन के लिहाज से तटस्थ) शहर बनाने की जरूरत है।
इस अवसर पर आवास और शहरी मामलों के सचिव दुर्गा शंकर मिश्रा ने कहा कि शहरी नियोजन आर्थिक विकास और खासकर जल, स्वच्छता, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में उपलब्ध बुनियादी ढांचे के अनुकूलतम उपयोग के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
नीति आयोग के मुख्य कार्यपालक अधिकारी अमिताभ कांत ने कहा कि शहरीकरण भारतीय अर्थव्यवस्था के लिहाज से प्रेरक तत्व है। देश अपने परिवर्तन में एक महत्वपूर्ण मोड़ पर पहुंच गया है।
कांत ने रिपोर्ट के बारे में कहा कि भारत के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है कि शहरी नियोजन क्षमता के सवाल पर गहराई से विचार किया गया है।
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