देश की खबरें | फिल्म जगत के गीतकारों, संगीतकारों ने राहत इंदौरी को श्रद्धांजलि दी
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मुंबई, 11 अगस्त उर्दू के मशहूर शायर राहत इंदौरी को आज जावेद अख्तर, गुलजार, शंकर महादेवन और वरुण ग्रोवर समेत अनेक कवियों, गीतकारों और संगीतकारों ने श्रद्धांजलि दी। राहत का निधन मंगलवार को दिल का दौरा पड़ने से हो गया।
सत्तर वर्षीय शायर को कोविड-19 से संक्रमित पाये जाने के बाद मंगलवार सुबह इंदौर के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था।
गुलजार ने कहा, ‘‘वह अपनी किस्म के अलग शायर थे। उनके जाने से उर्दू मुशायरे में एक खाली जगह पैदा हो गयी है, जिसे कभी नहीं भरा जा सकता।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वो तो लुटेरा था मुशायरों का।’’
गुलजार ने कहा कि हर उम्र के लोग मुशायरों में राहत इंदौरी की बारी का इंतजार करते थे।
जावेद अख्तर ने ट्विटर पर इंदौरी को याद करते हुए लिखा कि वह एक निर्भीक शायर थे जिनके जाने से अपूरणीय क्षति हुई है।
उन्होंने ट्वीट किया, ‘‘राहत साहब के जाने से समकालीन उर्दू शायरी को और हमारे पूरे समाज को अपूरणीय क्षति हुई है।’’
राहत इंदौरी अपनी शायरी के साथ ही फिल्मों में अपने गीतों के लिए भी मशहूर थे। ‘मुन्ना भाई एमबीबीएस’ में ‘देख ले’, गोविंदा अभिनीत ‘खुद्दार’ में ‘तुमसा कोई प्यारा’, ‘करीब’ में ‘चोरी चोरी जब नजरें मिलीं’ और ‘इश्क’ में ‘नींद चुराई मेरी’ जैसे गीत उनकी कलम से लिखे गये।
गीतकार और सेंसर बोर्ड के अध्यक्ष प्रसून जोशी ने कहा कि इंदौरी एक अलग अंदाज वाले शायर थे।
उन्होंने ‘पीटीआई-’ से कहा, ‘‘उनकी कमी खलेगी। उनके लफ्जों में: ‘एक ही नदी के हैं ये दो किनारे दोस्तो, दोस्ताना जिंदगी से मौत से यारी रखो।’’
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