नयी दिल्ली, 24 मई दिल्ली पुलिस ने कैंसर की नकली दवाओं की आपूर्ति से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मामले में तीन साल से फरार एक आरोपी को पश्चिम बंगाल के रानीगंज से गिरफ्तार किया है। एक अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि आरोपी की पहचान सबीर आलम के रूप में हुई है, जिसे अदालत ने पहले ही भगोड़ा घोषित कर रखा था।
उन्होंने बताया कि सूचना मिली थी कि सबीर आलम हाल ही में शादी के बाद हनीमून के लिए रानीगंज गया है।
अधिकारी ने बताया, "इसके बाद टीम रानीगंज पहुंची और होटलों व गेस्ट हाउस की जांच शुरू की। इसी बीच 20 मई को उन्हें पता चला कि आलम ने रानीगंज से पश्चिम बंगाल के बर्धमान के कांदा जाने वाली बस पकड़ी है। इसके बाद टीम कांदा बस अड्डा पर पहुंची और आरोपी को पकड़ लिया।"
उन्होंने बताया कि यह मामला पहली बार नवंबर 2022 में सामने आया था, जब कैंसर की नकली दवा रखने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
अधिकारी ने कहा कि बाद की जांच में अवैध दवा से एक बड़े गिरोह का पता चला, जिसमें दो चिकित्सकों सहित 14 लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस उपायुक्त (अपराध) हर्ष इंदौरा ने कहा, सबीर आलम ने इस गिरोह में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वह कोलकाता में कैंसर की नकली दवाओं के वितरण का समन्वय करता था और बांग्लादेश में आपूर्ति की व्यवस्था भी करता था। वहां दवाएं कथित तौर पर डॉ. रासेल को भेजी जाती थीं।
पुलिस के अनुसार, आलम ने मरीजों से नकद वसूली की और अपनी हिस्सेदारी की रकम रखने के बाद बाकी पैसे डॉ. पबित्र नारायण प्रधान और शुभम मन्ना समेत गिरोह के अन्य सदस्यों को भेजे।
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