देश की खबरें | कलकत्ता उच्च न्यायालय ने ‘टीईटी’ उत्तरपुस्तिका को नष्ट करने के मामले की जांच सीबीआई को सौंपी

कोलकाता, 27 सितंबर कलकत्ता उच्च न्यायालय ने वर्ष 2014 में आयोजित शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की उत्तर पुस्तिका (ओएमआर शीट) नष्ट करने में कथित अनियमितताओं के मामले की जांच मंगलवार को केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का आदेश दिया।

अदालत ने इसके साथ ही पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य को इस मामले में आज रात आठ बजे तक सीबीआई के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। अदालत टीईटी परीक्षा देने वाले कुछ उम्मीदवारों की याचिका पर सुनवाई कर रही है जिन्होंने शिक्षक भर्ती में अनियमितताओं का आरोप लगाया है।

न्यायमूर्ति अभिजीत गंगोपाध्याय ने भट्टाचार्य को तय समय में सीबीआई के समक्ष पेश होने का आदेश दिया। अदालत ने कहा कि एजेंसी उन्हें पूछताछ के लिए हिरासत में ले सकती है।

न्यायमूर्ति गंगोपाध्याय ने सीबीआई को प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती के उम्मीदवारों की ओएमआर उत्तर पुस्तिका नष्ट करने में की गई कथित अनियमितताओं की जांच करने के आदेश दिए हैं। उम्मीदवारों का आरोप है कि तय प्रक्रिया का अनुपालन किए बिना उत्तर पुस्तिकाओं को नष्ट कर दिया गया।

गौरतलब है कि टीईटी-2014 में करीब 20 लाख उम्मीदवार शामिल हुए थे, जिसके बाद वर्ष 2016 और 2020 में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती हुई थी और उस दौरान भट्टाचार्य बोर्ड के अध्यक्ष थे।

उच्च न्यायालय ने जून महीने में भट्टाचार्य को प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के अध्यक्ष पद से हटाने का आदेश दिया था, जिसके बाद राज्य सरकार ने उन्हें हटा दिया था।

भट्टाचार्य सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के विधायक भी हैं।

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