देश की खबरें | थरूर ने बिरला को पत्र लिखकर कार्ति चिदंबरम के ‘विशेषाधिकार हनन’ का मुद्दा उठाया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संसद की सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित स्थायी समिति के प्रमुख शशि थरूर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि सीबीआई की हालिया छापेमारी के दौरान सांसद कार्ति चिदंबरम से समिति से संबंधित कुछ ‘बहुत ही गोपनीय’ नोट जब्त कर लिए गए जो संसद सदस्य के विशेषाधिकार का हनन है।

नयी दिल्ली, 31 मई कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और संसद की सूचना प्रौद्योगिकी से संबंधित स्थायी समिति के प्रमुख शशि थरूर ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा है कि सीबीआई की हालिया छापेमारी के दौरान सांसद कार्ति चिदंबरम से समिति से संबंधित कुछ ‘बहुत ही गोपनीय’ नोट जब्त कर लिए गए जो संसद सदस्य के विशेषाधिकार का हनन है।

संसदीय समिति के प्रमुख की हैसियत से बिरला को लिखे पत्र में थरूर ने समिति के सदस्य और कांग्रेस सांसद कार्ति के ‘विशेषाधिकार के गंभीर हनन’ का मुद्दा उठाया।

उन्होंने 29 मई की तिथि वाले इस पत्र में कहा, ‘‘मुझे समिति के संबंधित सदस्य की ओर से सूचित किया गया है कि छापेमारी के दौरान समिति की चर्चाओं से संबंधित कागज जब्त कर लिए गए जिनमें कुछ बहुत ही गोपनीय नोट थे।’’

थरूर के मुताबिक, समिति की चर्चाएं और कार्यवाही तब तक गोपनीय होती हैं जब तक इसकी रिपोर्ट सदन के समक्ष पेश नहीं कर दी जाए।

उन्होंने नियमों का हवाला देते हुए यह भी कहा कि लोकसभा अध्यक्ष के अधिकार क्षेत्र के अलावा किसी समिति की चर्चाओं या कार्रवाई को कोई तब तक नहीं देख सकता है जब तक उसे सदन के पटल पर न रख दिया जाए।

उनका कहना था कि यह समिति और इसके सदस्य के विशेषाधिकार का हनन है।

कार्ति चिदंबरम ने भी गत शुक्रवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र लिखकर कहा था कि बतौर सांसद उनके विशेषाधिकारों का घोर हनन किया गया है और ऐसे में वह इसका तत्काल संज्ञान लें।

सीबीआई ने गत बृहस्पतिवार को कार्ति चिदंबरम से 2011 में 263 चीनी नागरिकों को वीजा जारी कराने से संबंधित एक कथित घोटाले के संबंध में लगभग नौ घंटे तक पूछताछ की। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। यह कथित घोटाला उस समय का है, जब कार्ति के पिता पी चिदंबरम केंद्रीय गृह मंत्री थे।

कार्ति ने अपने खिलाफ लगे आरोपों को फर्जी करार देते हुए कहा है कि यह सब एक राजनीतिक प्रतिशोध के तहत किया जा रहा है।

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