देश की खबरें | शिक्षक भर्ती घोटाला : ईडी अधिकारियों ने पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों के घरों पर छापेमारी की
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कोलकाता, 22 जुलाई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अधिकारियों की एक टीम ने कथित शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों-पार्थ चटर्जी और परेश अधिकारी के घरों पर छापेमारी की। एजेंसी के एक सूत्र ने यह जानकारी दी।
सूत्र ने कहा कि ईडी के कम से कम सात से आठ अधिकारी सुबह लगभग साढ़े आठ बजे चटर्जी के आवास नकतला पहुंचे और पूर्वाह्न 11 बजे तक छापेमारी की। इस दौरान केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के कर्मी बाहर तैनात रहे।
सूत्र ने बताया कि एजेंसी के अधिकारियों की एक अन्य टीम कूचबिहार जिले के मेखलीगंज में अधिकारी के घर पहुंची और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की।
ईडी के सूत्र के मुताबिक, अधिकारियों ने शहर के जादवपुर इलाके में स्थित पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के आवास पर भी छापेमारी की।
केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) उच्च न्यायालय के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार द्वारा प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह 'सी' और 'डी' के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई कथित अनियमितताओं की जांच कर रहा है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय इस मामले से संबंधित कथित धनशोधन की तफ्तीश में जुटा है।
अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पद पर काबिज चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब कथित घोटाला हुआ था। सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है। पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी।
सीबीआई पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्य मंत्री अधिकारी से भी पूछताछ कर चुकी है। इसके अलावा उनकी बेटी स्कूल शिक्षक की अपनी नौकरी गंवा चुकी हैं।
अधिकारी ने पत्रकारों से कहा कि वह फोन पर अपने परिवार से बात नहीं कर पा रहे हैं।
मंत्री ने कहा, ''उन्होंने आज हमारे घर पहुंचने की योजना के बारे में हमें नहीं बताया था। मैं 21 जुलाई को हुई तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के बाद कोलकाता में ही हूं। अगर मैं वहां होता तो उन्हें मूड़ी खिलाता।''
इस बीच, तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने छापेमारी को राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने की भाजपा नीत केंद्र सरकार की ''चाल'' बताया।
पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा, ''ईडी की यह छापेमारी शहीद दिवस रैली के एक दिन बाद हुई है, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी थी। यह टीएमसी के नेताओं को परेशान करने व डराने-धमकाने के प्रयास के अलावा और कुछ नहीं है। अदालत के निर्देश के तहत सीबीआई पहले ही उनसे (मंत्रियों से) पूछताछ कर चुकी है और वे सहयोग कर रहे हैं। अब उन्हें बदनाम करने के लिए ईडी का सहारा लिया जा रहा है। भाजपा ने धनशोधन का मामला गढ़ा है।''
हालांकि, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने आरोप लगाया कि टीएमसी ने सत्ता में आने के बाद से प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया में बड़े पैमाने पर हुई विसंगतियों का समर्थन किया है।
भाजपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष दिलीप घोष ने कहा, “टीएमसी नेताओं और उनके करीबी लोगों ने लाखों योग्य युवाओं को धोखा दिया और गैर-पात्र लोगों को उनकी नौकरी दे दी। सीबीआई और ईडी सही रास्ते पर आगे बढ़ रहे हैं। इस ताबूत से कई और कंकाल बाहर निकलेंगे। भाजपा की इस मामले में कोई भूमिका नहीं है।”
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