जरुरी जानकारी | बारिश के कारण देश के उत्तरी भाग में चाय फसल प्रभावित: टीएआई
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on Information at LatestLY हिन्दी. भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने कहा है कि असम और उत्तरी बंगाल के इलाकों को मिलाकर उत्तर भारत के चाय उत्पादक क्षेत्र में भारी बारिश से उत्पादन प्रभावित हुआ है।
कोलकाता, 11 जुलाई भारतीय चाय संघ (टीएआई) ने कहा है कि असम और उत्तरी बंगाल के इलाकों को मिलाकर उत्तर भारत के चाय उत्पादक क्षेत्र में भारी बारिश से उत्पादन प्रभावित हुआ है।
टीएआई के एक प्रवक्ता ने कहा कि देश के कुल चाय उत्पादन का 81 प्रतिशत हिस्सा उत्तरी भाग में होता है।
जून 2022 में असम में फसल 11 प्रतिशत घटकर सात करोड़ 68.7 लाख किलोग्राम रह गई, जो पिछले वर्ष के इसी महीने में आठ करोड़ 63.7 लाख किलोग्राम थी। टीएआई ने कहा कि बराक घाटी में, फसल जून 2022 में 16.14 प्रतिशत घटकर 42.6 लाख किलोग्राम रह गई, जो कि पिछले वर्ष 2021 के इसी महीने में 50.8 लाख किलोग्राम थी।
पश्चिम बंगाल के दुआर क्षेत्र में, फसल जून, 2022 में 21.01 प्रतिशत घटकर दो करोड़ 19.2 लाख किलोग्राम रह गई, जो जून 2021 में दो करोड़ 77.5 लाख किलोग्राम रही थी।
प्रवक्ता ने कहा कि तराई की फसल भी जून 2022 में 19.03 प्रतिशत घटकर एक करोड़ 71.5 लाख किलोग्राम रह गयी, जो उत्पादन जून 2021 में दो करोड़ 11.8 लाख किलोग्राम थी।
एसोसिएशन ने कहा कि जून में फसल के नुकसान के अलावा, उत्तरी बंगाल में दैनिक मजदूरी में 30 रुपये प्रति कर्मचारी की वृद्धि से भी चाय उद्योग प्रभावित हुआ।
टीएआई ने कहा कि मई में असम में ब्रह्मपुत्र और बराक घाटी तथा पश्चिम बंगाल के दुआर और तराई क्षेत्रों में सीटीसी चाय की कीमतों में लगभग 15 प्रतिशत की गिरावट आई है। एसोसिएशन ने कहा कि यह स्थिति काफी हद तक उद्योग की लाभप्रदता को प्रभावित कर रही है।
टीएआई के महासचिव प्रबीर भट्टाचार्य ने कहा कि वर्तमान में, पश्चिम बंगाल में दैनिक न्यूनतम वेतन 232 रुपये प्रति कर्मचारी है। उन्होंने कहा कि असम में न्यूनतम मजदूरी 205 रुपये है, जिसे किसी भी क्षण बढ़ाया जा सकता है।
उन्होंने कहा कि चाय उत्पादन की लागत में वृद्धि से कामकाज पर असर पड़ रहा है।
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