विदेश की खबरें | पनडुब्बी दुर्घटना: चीन ने अमेरिका पर ‘‘पारदर्शिता की कमी’’ का लगाया आरोप
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on world at LatestLY हिन्दी. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका को उस घटना का पूरा विवरण देना चाहिए जिसने रणनीतिक जलमार्ग को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद को पुनर्जीवित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार फिर अमेरिका से दुर्घटना का विस्तृत विवरण देने का आग्रह करते हैं।’’
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता वांग वेनबिन ने एक दैनिक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि अमेरिका को उस घटना का पूरा विवरण देना चाहिए जिसने रणनीतिक जलमार्ग को लेकर दोनों देशों के बीच विवाद को पुनर्जीवित कर दिया है। उन्होंने कहा, ‘‘हम एक बार फिर अमेरिका से दुर्घटना का विस्तृत विवरण देने का आग्रह करते हैं।’’
वांग ने अमेरिका पर घटना के बाद ‘‘पारदर्शिता और जिम्मेदारी की कमी’’ का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने इसके बारे में अभी तक ‘‘स्पष्टीकरण’’ नहीं दिया है कि नौसेना की परमाणु पनडुब्बी वहां क्या कर रही थी ? वांग ने साथ ही कहा कि अमेरिका ने ‘‘दुर्घटना के विशिष्ट स्थान के बारे में भी नहीं बताया है और न ही यह बताया है कि क्या वह किसी अन्य देश के विशेष आर्थिक क्षेत्र में थी या नहीं तथा क्या पनडुब्बी से परमाणु रिसाव हुआ या समुद्री पर्यावरण को नुकसान पहुंचा था ?’’
चीन लगभग पूरे दक्षिण चीन सागर पर संप्रभुता का दावा करता है, जिसके जरिये हर साल खरबों डॉलर का अंतरराष्ट्रीय व्यापार होता है। वहीं अमेरिका इस बात पर जोर देता है कि नौवहन की स्वतंत्रता को बनाए रखा जाना चाहिए।
नौसेना के दो अधिकारियों ने नाम गुप्त रखने की शर्त पर सोमवार को कहा कि नौसेना को पता चला है कि परमाणु संचालित यूएसएस कनेक्टिकट एक समुद्री पर्वत, या पानी के नीचे किसी चट्टान से टकरायी थी।
नौसेना ने अभी तक पूरी तरह से यह स्पष्ट नहीं किया है कि पनडुब्बी समुद्री चट्टान से कैसे टकरायी या सीवॉल्फ-श्रेणी की पनडुब्बी को इससे कितना नुकसान हुआ ? बहरहाल, नौसेना ने कहा है कि पनडुब्बी के परमाणु रिएक्टर और प्रणोदन प्रणाली को कोई नुकसान नहीं हुआ तथा टक्कर के कारण चालक दल को मामूली चोटें आईं।
घटना गत दो अक्टूबर को हुई थी लेकिन नौसेना द्वारा पांच दिन बाद तक इसकी सूचना नहीं दी गई। पनडुब्बी क्षति के आकलन के लिए गुआम में है।
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