लखनऊ, 11 जून उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में शुक्रवार को जुमे की नमाज के बाद हुई हिंसा के सिलसिले में अब तक कुल 13 प्राथमिकी दर्ज करते हुए पुलिस ने 255 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शनिवार को यह जानकारी दी।
अपर पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) प्रशांत कुमार ने यहां बयान जारी कर बताया, ‘‘इस संबंध में राज्य में 255 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसमें प्रयागराज में 68, हाथरस में 50, सहारनपुर में 64, अंबेडकरनगर में 28, मुरादाबाद में 27, अलीगढ़ में तीन, जालौन में दो और फिरोजाबाद में 13 लोग शामिल हैं।’’
कुमार ने शनिवार रात आठ बजे तक की कार्रवाई का ब्यौरा देते हुए कहा कि प्रयागराज और सहारनपुर में तीन-तीन प्राथमिकी दर्ज करने के अलावा फिरोजाबाद, अलीगढ़, हाथरस, मुरादाबाद, अंबेडकरनगर, खीरी और जालौन में एक-एक प्राथमिकी दर्ज की गई है और इस मामले में 255 आरोपियों की गिरफ्तारी की गई है।
पुलिस ने बताया कि सहारनपुर और प्रयागराज में गिरफ्तार लोगों के खिलाफ कड़े राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका) के तहत कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, हिंसा करने वालों को परोक्ष चेतावनी देते हुए, उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के मीडिया सलाहकार मृत्युंजय कुमार ने शनिवार को एक ट्वीट में कहा, ‘‘उपद्रवी याद रखें, हर शुक्रवार के बाद एक शनिवार जरूर आता है…।’’ कुमार ने अपने ट्वीट के साथ एक इमारत की तोड़फोड़ करते हुए बुलडोजर की तस्वीर भी साझा की।
सहारनपुर में शुक्रवार को हुई हिंसा के दो आरोपियों के मकानों को पुलिस ने शनिवार को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया। सहारनपुर से मिली खबर के अनुसार, पुलिस प्रशासन ने हंगामा करने वाले दो अभियुक्तों को चिन्हित कर उनकी अवैध सम्पति पर बुलडोजर चला दिया।
सहारनपुर के पुलिस अधीक्षक (नगर) राजेश कुमार ने ‘पीटीआई-’ को बताया कि सीसीटीवी फुटेज में उपद्रव मचाने वाले दो मुख्य अभियुक्तों मुजम्मिल निवासी राहत कॉलोनी 62 फुटा रोड और अब्दुल वाकिर निवासी खता खेड़ी के मकानों पर नगर निगम की टीम के साथ मिलकर बुलडोजर चलाया गया और उनके अवैध निर्माण को ध्वस्त कर दिया गया।
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