देश की खबरें | एसआईआई ने पुणे में गैर-निर्धारित विमानों के सुगम परिचालन के लिए गृह मंत्री के हस्तक्षेप की मांग की
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) ने गैर-निर्धारित विमानों के सुगम परिचालन के लिए पुणे हवाईअड्डे पर वायु परिचालन नियम (एओआर) में बदलाव लाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की मांग की।
नयी दिल्ली, 10 मार्च दुनिया की सबसे बड़ी टीका निर्माता कंपनी ‘सीरम इंस्टीट्यूट ऑफ इंडिया’ (एसआईआई) ने गैर-निर्धारित विमानों के सुगम परिचालन के लिए पुणे हवाईअड्डे पर वायु परिचालन नियम (एओआर) में बदलाव लाने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के हस्तक्षेप की मांग की।
पुणे स्थित कंपनी ने शाह को हाल ही में लिखे पत्र में एओआर नीति में संशोधन का सुझाव दिया और कहा कि विदेशी लोगों के लिए जरूरी है कि हवाईअड्डे पर सुगमता से आ-जा सकें।
एसआईआई में सरकारी और नियामक मामलों के निदेशक प्रकाश कुमार सिंह ने पत्र में कहा कि पुणे विमानपत्तन रक्षा क्षेत्र का हवाईअड्डा है जो भारतीय वायु सेना के तहत संचालित होता है। इस वजह से गैर-निर्धारित विमानों से पुणे आने वाले विदेशी यात्रियों, पायलटों और चालक दल के सदस्यों के लिए एओआर जरूरी है।
उन्होंने कहा, ‘‘मौजूदा नीति के अनुसार एओआर से संबंधित कुछ नियमों से किसी देश से पुणे आने वाले या देश के किसी हवाईअड्डे से आने वाले इन विदेशी यात्रियों, पायलटों और चालक दल के सदस्यों को बड़ी असुविधा होती है।’’
सिंह ने कुछ संशोधनों का सुझाव देते हुए कहा कि गोवा हवाईअड्डा भी रक्षा क्षेत्र का विमानपत्तन है और भारतीय नौसेना के अधीन संचालित होता है लेकिन वहां विदेशी यात्रियों या चालक दल के सदस्यों के लिए परिचालन के लिहाज से कोई नौसैनिक परिचालन नियम (एनओआर) जरूरी नहीं हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘इसी तरह पुणे हवाईअड्डे पर परिचालन के लिए भी इस नीति को अपनाने की जरूरत है जो रक्षा क्षेत्र के अधीन ही आता है।’’
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)