देश की खबरें | पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस के लिए संकेत अशुभ हैं, अगले चुनाव में हो जाएगा सफाया: भाजपा

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नयी दिल्ली, 12 जुलाई भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने बुधवार को कहा कि 'क्रूर दमन' का सामना करने के बावजूद उसने 2018 के पश्चिम बंगाल पंचायत चुनावों के मुकाबले इस बार अपनी सीटों की संख्या में सुधार किया है।

पार्टी ने दावा किया कि संकेत सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के लिए 'अशुभ' हैं और आगामी चुनावों में उसका सफाया हो जाएगा।

भाजपा ने अपने प्रदर्शन का श्रेय बंगाल के लोगों और पार्टी कार्यकर्ताओं को देते हुए कहा कि वह कांग्रेस, वाम दलों सहित अन्य दलों से काफी आगे है।

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) पश्चिम बंगाल के हिंसा प्रभावित पंचायत चुनावों में भारी जीत हासिल करने की दिशा में है।

एसईसी की ओर से बुधवार शाम साढ़े सात बजे तक जारी आंकड़ों के अनुसार तृणमूल ने 34,913 ग्राम पंचायत सीट जीत ली हैं, साथ ही उसके उम्मीदवार 607 सीट पर आगे है। ग्राम पंचायत की कुल 63,229 सीट के लिए चुनाव हुए हैं।

एसईसी की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार सत्तारूढ़ दल की निकटतम प्रतिद्वंद्वी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) 9,722 सीट पर जीत दर्ज कर चुकी है और 150 सीट पर उसके उम्मीदवार आगे हैं। मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने 2,937 सीट पर जीत दर्ज की है और 67 सीट पर आगे है। कांग्रेस ने 2,543 ग्राम पंचायत सीट पर जीत दर्ज की तथा 63 अन्य पर आगे है।

सत्तारूढ़ तृणमूल ने पंचायत समिति की 6,430 सीट अपने नाम की, जबकि 195 सीट पर आगे है। भाजपा ने 982 सीट जीती तथा 54 सीट पर आगे है, जबकि माकपा ने 176 सीट जीती और 15 अन्य सीट पर उसे बढ़त हासिल की है और कांग्रेस ने 266 सीट अपने नाम की और छह पर उसके उम्मीदवार आगे हैं। पंचायत समिति की कुल 9,728 सीट के लिए चुनाव हुए थे।

नतीजों पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्य के लिए भाजपा के सह-प्रभारी अमित मालवीय ने ट्विटर पर कहा, "पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव व्यापक हिंसा और राज्य प्रायोजित हत्याओं से प्रभावित थे। क्रूर दमन और सत्तारूढ़ टीएमसी, एसईसी, पुलिस और नागरिक प्रशासन की सक्रिय मिलीभगत के बावजूद, भाजपा ने 2018 की अपनी सीटों को पार कर लिया है और कांग्रेस, वाम, आईएसएफ और अन्य से बहुत आगे है।"

उन्होंने कहा, ''भाजपा मुख्य विपक्षी दल है और वह जल्द ही ममता बनर्जी को सत्ता से बेदखल कर देगी।"

तृणमूल कांग्रेस ने अब तक 674 जिला परिषद सीटें जीती हैं और 149 अन्य पर आगे है। इसके विपरीत भाजपा ने 21 सीटों पर जीत दर्ज की है और 5 सीटों पर आगे है। माकपा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस ने छह सीटों पर जीत दर्ज की है और पांच पर आगे है। कुल मिलाकर जिला परिषद की 928 सीटें हैं।

मालवीय ने दावा किया कि भाजपा उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करने से रोकने के प्रयासों के बावजूद तृणमूल कांग्रेस ने इस बार निर्विरोध ''बहुत कम सीटें'' जीती हैं।

मालवीय ने दावा किया कि 100 प्रतिशत मुस्लिम आबादी वाले मतदान केंद्रों पर भाजपा उम्मीदवारों ने ग्राम पंचायत सीटों पर जीत दर्ज की।

उन्होंने कहा, 'ममता बनर्जी की टीएमसी के लिए संकेत अशुभ हैं। यह अपराधियों का सिंडिकेट है, न कि कोई राजनीतिक दल।"

उन्होंने कहा, ''आगामी चुनावों में तृणमूल कांग्रेस का पूरी तरह सफाया हो जाएगा और इसका श्रेय पूरी तरह से बंगाल के लोगों और भाजपा कार्यकर्ताओं को जाएगा।"

मालवीय ने कहा कि भाजपा का प्रदर्शन अब तक घोषित प्रदर्शन से कहीं बेहतर है। उन्होंने आरोप लगाया, ''कई स्थानों पर सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस के निर्देश पर परिणाम में बदलाव किया गया, तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवार को जीतने देने के लिए भाजपा के पक्ष में मतदान को अवैध घोषित किया गया, भाजपा उम्मीदवारों के जीतने के प्रमाण पत्र फाड़ दिए गए।

पंचायत चुनावों में भाजपा के प्रदर्शन को पश्चिम बंगाल में पार्टी के लिए एक प्रोत्साहन के रूप में देखा जा रहा है।

वर्ष 2018 के राज्य पंचायत चुनावों में, भाजपा 5779 ग्राम पंचायत सीटों, 769 पंचायत समिति सीटों और 22 जिला परिषद सीटों पर जीत के साथ टीएमसी के निकटतम प्रतिद्वंद्वी के रूप में उभरी थी। भाजपा ने अपनी गति को बनाए रखा और 2019 के लोकसभा चुनावों में पश्चिम बंगाल की 42 में से 18 सीटें जीतीं।

तृणमूल कांग्रेस की सीटों की संख्या 2014 के लोकसभा चुनाव के 34 से घटकर 22 रह गई। 2021 के विधानसभा चुनावों में, भाजपा ने टीएमसी के खिलाफ कड़ी टक्कर दी, लेकिन हार गई और प्रमुख विपक्षी के रूप में उभरी।

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