देश की खबरें | शरावती परियोजना: विस्थापित परिवारों के लिए मालिकाना हक प्राप्त करने का नया प्रयास

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. कर्नाटक के शिवमोगा जिले में शरावती नदी परियोजना के कारण विस्थापित लोगों के पक्ष में करीब 9,600 एकड़ वन भूमि को गैर अधिसूचित करने के आग्रह के साथ एक उच्चस्तरीय समिति ने बृहस्पतिवार को केंद्र से नए सिरे से संपर्क करने का फैसला किया।

बेंगलुरु, दो फरवरी कर्नाटक के शिवमोगा जिले में शरावती नदी परियोजना के कारण विस्थापित लोगों के पक्ष में करीब 9,600 एकड़ वन भूमि को गैर अधिसूचित करने के आग्रह के साथ एक उच्चस्तरीय समिति ने बृहस्पतिवार को केंद्र से नए सिरे से संपर्क करने का फैसला किया।

समिति की अध्यक्षता राज्य के गृह मंत्री अरागा ज्ञानेंद्र और पूर्व मुख्यमंत्री बी एस येदियुरप्पा कर रहे हैं। दोनों ही नेता शिवमोगा जिले से हैं।

येदियुरप्पा ने यहां एक बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि उन विस्थापित परिवारों के पक्ष में वन भूमि को गैर-अधिसूचित करने के अनुरोध के साथ केंद्र को एक नया प्रस्ताव भेजा जाएगा, जिन्हें अभी तक भूमि पर अधिकार नहीं मिला है।

येदियुरप्पा ने कहा, “हमने केंद्रीय पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्री भूपेंद्र यादव से बात की थी और उन्हें लगभग 11,000 से 12,000 विस्थापित लोगों (परिवारों) की दुर्दशा से अवगत कराया था। उन्होंने हमें भूमि का सर्वेक्षण करने और एक प्रस्ताव भेजने के लिए कहा है।”

उन्होंने कहा कि संबंधित जमीन पर रहने वालों को मालिकाना हक नहीं मिला है और यह भूमिहीन होने जैसा है।

येदियुरप्पा ने कहा, “जिला प्रशासन ने सर्वेक्षण पूरा कर लिया है और 9,600 एकड़ भूमि पर स्वामित्व देने का प्रस्ताव तैयार किया है। हम आज ही प्रस्ताव भेज देंगे।’’

शिवमोगा से सांसद और येदियुरप्पा के बेटे बी वाई राघवेंद्र, विधायक तथा वरिष्ठ अधिकारी बैठक में शामिल हुए।

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