देश की खबरें | वरिष्ठ आईएएस अधिकारी अटल डुल्लू जम्मू-कश्मीर के नए मुख्य सचिव नियुक्त किए गए

जम्मू, 29 नवंबर भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के वरिष्ठ अधिकारी अटल डुल्लू को जम्मू-कश्मीर का मुख्य सचिव नियुक्त किया गया है। वह अरुण कुमार मेहता की जगह लेंगे जो इस महीने के आखिर में सेवानिवृत्त होने वाले हैं।

केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक आदेश के अनुसार अरुणाचल प्रदेश-गोवा-मिजोरम और केंद्र शासित प्रदेश (एजीएमयूटी) कैडर के 1989 बैच के आईएएस अधिकारी डुल्लू (57) एक दिसंबर से जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव का कार्यभार संभालेंगे।

मंत्रालय ने बुधवार को एक आदेश में कहा, ‘‘30 नवंबर 2023 को आईएएस अरुण कुमार मेहता के सेवानिवृत्त होने के बाद और केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे आईएएस अधिकारी अटल डुल्लू को एक दिसंबर 2023 या प्रभार ग्रहण करने के दिन से अगले आदेश तक जम्मू-कश्मीर के मुख्य सचिव के तौर पर नियुक्त किया जाता है। इसे सक्षम प्राधिकारी के अनुमोदन से जारी किया जाता है।’’

गृह मंत्रालय के तहत सीमा प्रबंधन विभाग के सचिव के रूप में काम करने के बाद केंद्र सरकार ने 20 नवंबर को डुल्लू को उनके केंद्र शासित प्रदेश कैडर में वापस भेज दिया था। डुल्लू ने जुलाई में अपनी केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से पहले जम्मू-कश्मीर में वित्तीय आयुक्त और अतिरिक्त मुख्य सचिव सहित विभिन्न पदों पर कार्य किया है।

केंद्रीय मंत्रिमंडल की नियुक्ति संबंधी समिति ने गृह मंत्रालय के अनुरोध पर डुल्लू को उनके मूल कैडर में वापस भेजने को मंजूरी दे दी है।

अटल डुल्लू ने जम्मू-कश्मीर से ही इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। उन्हें 2013 में गणतंत्र दिवस पर सराहनीय सार्वजनिक सेवा के लिए राज्य पुरस्कार और 1996 में तत्कालीन जम्मू-कश्मीर राज्य में विधानसभा चुनाव सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए रजत पदक से सम्मानित किया जा चुका है।

इस बीच, पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की अध्यक्ष महबूबा मुफ्ती ने जम्मू-कश्मीर के नए मुख्य सचिव के रूप में डुल्लू की नियुक्ति का स्वागत किया है।

महबूबा मुफ्ती ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘ मुख्य सचिव के रूप में अटल डुल्लू की नियुक्ति एक स्वागत योग्य कदम है। लंबे समय के बाद, जम्मू-कश्मीर के ही किसी निवासी को अपने लोगों की सेवा करने के लिए अधिकार दिए जा रहे हैं। जबकि कश्मीर के लोग खुद को पूरी तरह से निराशा और बेदखल महसूस कर रहे हैं। आशा है कि इस कदम से जनता के लिए अधिकारियों के मन में सहानुभूति और समाधान की भावना पैदा होगी। ’’

(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)