जरुरी जानकारी | सेबी ने फ्रैंकलिन टेंपलटन मामले में अपीलीय न्यायाधिकरण के आदेश को न्यायालय में चुनौती दी

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नयी दिल्ली, 15 जुलाई बाजार नियामक सेबी ने फ्रैंकलिन टेंपलटन मामले में प्रतिभूति अपीलीय न्यायाधिकरण (सैट) के 28 जून के आदेश के खिलाफ उच्चतम न्यायालय में याचिका दायर की है।

सैट ने अपने आदेश में सेबी के निर्देश पर प्रतिबंध लगा दिया था। बाजार नियामक ने अपने आदेश में फ्रैंकलिन टेंपलटन एसेट मैनेजमेंट (इंडिया) के नये बांड योजना जारी करने से दो साल के लिये प्रतिबंध लगाने के साथ ही कंपनी से 512 करोड़ रुपये से अधिक राशि लौटाने को कहा था।

भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने फ्रैंकलिन टेंपलटन को सैट से मिली राहत के खिलाफ बुधवार को उच्चनतम न्यायालय में अपील दायर की।

सेबी ने अपनी अपील में सैट के निर्णय की आलोचना की और कहा कि राशि लौटाये जाने पर आदेश कुछ ज्यादा हो गया है।

अपीलीय न्यायाधिकरण ने फ्रैंकलिन टेंपलटन से सेबी के आदेश के अनुसार 512 करोड़ रुपये के बजाए 250 करोड़ रुपये एस्क्रो (विशेष खाता) खाता में डालने को कहा।

सेबी के सात जून के आदेश के खिलाफ फ्रैंकलिन टेंपलटन ने सैट में अपील दायर की थी। आदेश में कहा गया था कि कंपनी ने छह बांड योजना के प्रबंधन के संदर्भ में म्यूचुअल फंड नियमों के कुछ प्रावधानों का उल्लंघन किया है। ये फंड योजनाएं अब बंद है।

फंड हाउस को निवेश प्रबंधन और सलाहकार शुल्क के साथ-साथ 12 प्रतिशत सालाना ब्याज के साथ 512.50 करोड़ रुपये की राशि वापस करने का निर्देश दिया गया था। इसके अलावा, कंपनी को दो साल के लिए नई बांड योजनाएं शुरू करने से रोक दिया गया था और उस पर 5 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया था।

बाद में सैट ने अपने आदेश में कहा कि फ्रैंकलिन टेंपलटन 21 बांड योजनाओं का प्रबंधन अभी भी कर रही है और इन योजनाओं की कोई शिकायत सामने नहीं आई है।

उसने कहा, ‘‘तथ्य यह है कि अपीलकर्ता (फ्रैंकलिन टेंपलटन) ने छह योजनाओं को बंद करने का विकल्प चुना है, इसका मतलब यह नहीं है कि उन्हें कोई भी नई बांड योजना शुरू करने से रोक दिया जाना चाहिए।’’

अपीलीय न्यायाधिकरण ने नई बांड योजना शुरू करने पर पाबंदी संबंधी सेबी के आदेश पर रोक लगा दी।

न्यायाधिकरण ने सेबी से इस संबंध में जवाब देने को कहा और सुनवाई और अंतिम निपटान के लिये 30 अगस्त, 2021 की तारीख तय की।

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