मुंबई, 30 अप्रैल शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने बुधवार को कहा कि सरकार को पहलगाम आतंकवादी हमले पर चर्चा के लिए संसद का विशेष सत्र बुलाना चाहिए।
पत्रकारों से बात करते हुए राउत ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधा और इस हमले में 'खुफिया तंत्र की विफलता' को लेकर उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
राउत ने कहा, "पिछले सप्ताह पहलगाम आतंकवादी हमले में 26 लोगों की मौत का बदला तब तक नहीं लिया जा सकता जब तक गृह मंत्री के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती है।"
उन्होंने कहा, "हमारी मांग है कि पहलगाम हमले पर संसद का विशेष सत्र बुलाया जाए और इस मुद्दे पर चर्चा के लिए दो दिन तय किए जाएं। लेकिन सरकार कश्मीर पर किसी को बोलने नहीं देगी।"
जब उनसे हमले पर शिवसेना (उबाठा) के रुख के बारे में पूछा गया तो राउत ने कहा, " भारत को पुलवामा हमले (2019 में) के ठीक बाद पाकिस्तान पर हमला कर देना चाहिए था।" उन्होंने उरी और बालाकोट हमलों के बाद रक्षा बलों द्वारा किए गए 'सर्जिकल स्ट्राइक' को भी खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, "सर्जिकल स्ट्राइक ठीक है। हम अपने इलाके में भी कर लेते हैं। हमला तो वह होता है जो इंदिरा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री ने किया था। हम उसे हमला कहते हैं।"
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मंगलवार को देश के शीर्ष रक्षा नेतृत्व के साथ बैठक की अध्यक्षता करते हुए कहा था कि सुरक्षाबलों को पहलगाम हमले के जवाब में कार्रवाई की रणनीति, लक्ष्य और समय तय करने की 'अभियानगत पूरी स्वतंत्रता' दी गई है।
राउत ने कहा, "सेना को पूरी छूट दी जानी चाहिए। कश्मीर में पहले भी उसे छूट मिली थी, फिर भी हमला हुआ। अब सवाल है कि राजनीतिक नेतृत्व की क्या भूमिका है? अगर वास्तव में बदला लेना है और सच्ची श्रद्धांजलि देनी है तो गृह मंत्रालय के खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। खुफिया तंत्र क्यों विफल हुआ?"
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