देश की खबरें | आरएसएस का केशवकुंज कार्यालय नए रूप में तैयार, आधुनिक तकनीक के साथ प्राचीन वास्तुकला का संगम
Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. राजधानी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झंडेवालान स्थित पुराने कार्यालय के पुन:निर्माण के बाद संगठन पुन: इस कार्यालय से कामकाज शुरू कर रहा है।
नयी दिल्ली, 12 फरवरी राजधानी में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के झंडेवालान स्थित पुराने कार्यालय के पुन:निर्माण के बाद संगठन पुन: इस कार्यालय से कामकाज शुरू कर रहा है।
पौने चार एकड़ से ज्यादा क्षेत्र में फैले नव निर्मित परिसर में तीन 13-मंजिला टॉवर और करीब 300 कक्ष एवं कार्यालय हैं।
सूत्रों ने बताया कि आरएसएस कार्यालय ‘केशव कुंज’ के पुनर्निर्माण पर करीब 150 करोड़ रुपये खर्च हुए हैं। यह खर्च संगठन की विचारधारा से सहानुभूति रखने वाले 75,000 से अधिक लोगों के योगदान से जुटाया गया है। इसके निर्माण में आठ साल से अधिक का समय लगा है। इस दौरान कोविड-19 महामारी के कारण कई अड़चनें भी आईं।
उन्होंने बताया कि आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत और सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबले 19 फरवरी को झंडेवालान कार्यालय से संगठन के कामकाज की पुन: शुरुआत करने के लिए संघ की दिल्ली इकाई के एक कार्यकर्ता सम्मेलन में शामिल होंगे।
आरएसएस का मुख्यालय नागपुर में है। सूत्रों ने बताया कि संघ अपनी वार्षिक 'अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा' का आयोजन 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरू में करेगा। यह संगठन की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था है।
आरएसएस और उससे जुड़े संगठनों के वरिष्ठ पदाधिकारियों समेत करीब 1,500 लोगों के इस बैठक में शिरकत करने की संभावना है जिसमें संगठनात्मक मामलों के अलावा अहम मुद्दों पर चर्चा की जाती है और कई मामलों पर संघ के रुख को रेखांकित करने के लिए प्रस्ताव पारित किए जाते हैं। इस बैठक में भाजपा अध्यक्ष समेत पार्टी के वरिष्ठ नेता भी शामिल होते हैं।
राष्ट्रीय राजधानी में पुनर्निर्मित परिसर के बारे में जानकारी देते हुए, सूत्रों ने कहा कि इस वजह से आरएसएस 2016 से एक किराए के परिसर में अपनी गतिविधियों का संचालन कर रहा था। झंडेवालान स्थित कार्यालय से संघ 1962 से काम कर रहा है।
उन्होंने बताया कि नया परिसर पूर्व की दो मंजिला इमारत से काफी अलग है और इसमें आधुनिक प्रौद्योगिकी को प्राचीन वास्तुशिल्प के साथ मिलाकर बनाया गया है ताकि इसे हवादार बनाया जा सके और सूर्य की पर्याप्त रोशनी मिल सके। उन्होंने बताया कि गुजरात के वास्तुकार अनूप दवे ने इसका डिजाइन तैयार किया है।
तीन टॉवर (भूतल और 12 मंजिल) का नाम साधना, प्रेरणा और अर्चना रखा गया है, जबकि इसके एक बड़े सभागार का नाम अशोक सिंघल के नाम पर रखा गया है, जो विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के एक प्रमुख पदाधिकारी थे और राम मंदिर आंदोलन से करीब से जुड़े थे। इस आधुनिक सभागार में 463 व्यक्ति बैठ सकते हैं, जबकि एक अन्य हॉल में 650 लोग बैठ सकते हैं।
सूत्रों ने बताया कि आरएसएस कार्यालय में पदाधिकारियों और सदस्यों के लिए आवास की सुविधा के अलावा एक पुस्तकालय, क्लिनिक और सीवेज शोधन संयंत्र भी है। इसके अलावा इसकी कुल बिजली जरूरतों के एक हिस्से को पूरा करने के लिए सौर ऊर्जा की सुविधा भी है।
उन्होंने बताया कि आरएसएस से जुड़े साप्ताहिक पत्र ‘पांचजन्य’ और ‘ऑर्गेनाइजर’ के अलावा सुरुचि प्रकाशन के भी कार्यालय इसी परिसर में होंगे।
सूत्रों ने बताया कि स्वास्थ्य सुविधाएं आसपास रहने वाले गरीब लोगों के लिए खुली रहेंगी और बाहरी लोग भी पुस्तकालय सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।
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