देश की खबरें | प्रसिद्ध मराठी कवि नामदेव धोंडो महानोर का निधन, शिंदे, शरद पवार ने शोक जताया

Get Latest हिन्दी समाचार, Breaking News on India at LatestLY हिन्दी. प्रसिद्ध मराठी कवि और गीतकार नामदेव धोंडो महानोर का बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियों के कारण बृहस्पतिवार सुबह पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे।

पुणे (महाराष्ट्र), तीन अगस्त प्रसिद्ध मराठी कवि और गीतकार नामदेव धोंडो महानोर का बढ़ती उम्र संबंधी बीमारियों के कारण बृहस्पतिवार सुबह पुणे के एक अस्पताल में निधन हो गया। वह 81 वर्ष के थे।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) के अध्यक्ष शरद पवार और कई अन्य नेताओं ने उनके निधन पर शोक जताया ।

महानोर के पोते शशिकांत महानोर ने बताया कि वह पिछले कुछ दिन से यहां रुबी हॉल क्लीनिक में भर्ती थे तथा वेंटिलेटर पर थे।

वह ना धो महानोर के नाम भी जाने जाते थे। उनका जन्म 1942 में हुआ और उन्हें देश के चौथे सर्वोच्च नागरिक सम्मान पद्म श्री से सम्मानित किया गया था। वह राज्य विधान परिषद के सदस्य भी रहे थे।

उन्होंने ‘जगाला प्रेम अर्पावे’, ‘गंगा वाहू दे निर्मल’ और ‘दिवेलागणीची वेल’ समेत कई मशहूर कविताएं तथा गीत लिखे तथा ‘एक होता विदुषक’, ‘जैत रे जैत’, ‘सर्जा’ तथा अन्य मराठी फिल्मों के लिए गीत भी लिखे।

महानोर अक्सर इस बात का जिक्र किया करते थे कि कैसे उनके खेत में उगने वाले सीताफल का नाम महान गायिका लता मंगेशकर के नाम पर रखा गया।

‘पीटीआई-’ के साथ बातचीत के दौरान उन्होंने कहा था कि बड़ी संख्या में लोग इस फल को ‘सीताफल' के बजाय 'लताफल' कहते हैं।

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