मुंबई, छह जनवरी भारतीय रिजर्व बैंक ने शुक्रवार को कहा कि कुल 16,000 करोड़ रुपये का पहला सरकारी हरित बॉन्ड (एसजीआरबी) दो चरणों में जारी किया जाएगा। इस निर्गम से मिली राशि को सार्वजनिक क्षेत्र की ऐसी परियोजनाओं में लगाया जाएगा, जो कार्बन उत्सर्जन कम करने में मदद करती हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने एक बयान में कहा कि पहली नीलामी 25 जनवरी को जबकि दूसरी नौ फरवरी को की जाएगी।
गौरतलब है कि आम बजट 2022-23 में घोषणा की गई थी कि भारत सरकार अपने समग्र बाजार कर्ज के तहत हरित बुनियादी ढांचे के लिए संसाधन जुटाने को हरित बॉन्ड जारी करेगी।
बयान में कहा गया, ''इसके तहत 29 सितंबर 2022 को वित्त वर्ष 2022-23 की दूसरी छमाही के लिए विपणन योग्य दिनांकित प्रतिभूतियों के अर्धवार्षिक निर्गम कैलेंडर में यह अधिसूचित किया गया था कि 16,000 करोड़ रुपये की कुल राशि के लिए सरकारी हरित बॉन्ड जारी किए जाएंगे।''
बयान के मुताबिक, ''भारत सरकार ने नौ नवंबर 2022 को सरकारी हरित बॉन्ड का मसौदा जारी किया।'' ये हरित बॉन्ड पांच साल और 10 साल की अवधि में उपलब्ध होंगे।
एसजीआरबी को समान मूल्य वाली नीलामी के जरिए जारी किया जाएगा और इसकी पांच प्रतिशत राशि खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित होगी। आरबीआई ने कहा कि इन पत्रों को एसएलआर उद्देश्यों के लिए एक योग्य निवेश माना जाएगा। ये बॉन्ड द्वितीयक बाजार में कारोबार के लिए पात्र होंगे।
हरित बॉन्ड जारी करके जुटाई गई राशि का इस्तेमाल जीवाश्म ईंधन के उत्पादन और वितरण के लिए नहीं किया जा सकता है। इसके अलावा ऐसी परियोजनाएं जहां मुख्य ऊर्जा स्रोत जीवाश्म ईंधन पर आधारित है और परमाणु ऊर्जा परियोजनाओं के लिए भी इनका इस्तेमाल नहीं किया जा सकता है।
सभी योग्य हरित व्यय में सरकार द्वारा निवेश, सब्सिडी, अनुदान या कर छूट के रूप में किए गए सार्वजनिक व्यय शामिल होंगे। सार्वजनिक क्षेत्र की ऐसी परियोजनाएं, जो कार्बन उत्सर्जन को कम करती हों, उन्हें भी इस ढांचे में शामिल किया गया है।
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