संयुक्त राष्ट्र, 14 जुलाई ऐसे समय में जब दुनिया कोविड-19 से निपटने के लिए जूझ रही है, भारत ने मंगलवार को रेखांकित किया कि सतत विकास लक्ष्यों (एसडीजी) का तेजी से क्रियान्वयन देशों को महामारी के असर से उबरने के समावेशी और टिकाऊ मार्ग पर ला सकता है।
सतत विकास को लेकर उठाए जाने वाले कदमों के संबंध में उच्चस्तरीय राजनीतिक मंच 2020 को संबोधित करते हुए नीति आयोग के उपाध्यक्ष राजीव कुमार ने कहा कि एसडीजी की अहमियत पहले से ज्यादा बढ़ गयी है।
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कुमार ने कहा, ‘‘हम सब ऐसी दुनिया में रह रहे हैं जिसका परस्पर जुड़ाव बढ़ रहा है और एक-दूसरे पर आश्रित होते जा रहे हैं। आज के समय देश महामारी के अलावा जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियों का भी सामना कर रहे हैं । ये सभी चुनौतियां एक बार फिर से बहुपक्षवाद और वैश्विक एकजुटता की जरूरत को रेखांकित करती हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘एसडीजी का तेजी से क्रियान्वयन देशों को महामारी के असर से उबरने के समावेशी और टिकाऊ मार्ग पर ला सकता है।’’
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कुमार ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के आह्वान का हवाला दिया जिसमें उन्होंने ‘पीपुल’ ‘प्लैनेट’ और ‘प्रॉफिट’ को जुड़ा हुआ बताया था और कहा था कि देशों के फैसले जनता केंद्रित और धरती के अनुकूल होने चाहिए ।
भारत ने सोमवार को उच्चस्तरीय राजनीतिक मंच पर अपनी दूसरी स्वैच्छिक राष्ट्रीय समीक्षा (वीएनआर) प्रस्तुत की ।
कुमार ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय सहयोग की भूमिका पहले से भी ज्यादा महत्वपूर्ण हो गयी है । भारत अंतरराष्ट्रीय भागीदारी को मजबूत करने में बड़ी भूमिका निभा रहा है ।
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