देश की खबरें | राज्यसभा चुनाव: नेताओं के अपने दलों को वोट नहीं देने के कारण समीकरण बदले

नयी दिल्ली, 11 जून राजस्थान में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की नेता शोभा रानी कुशवाहा, हरियाणा में कांग्रेस के नेता कुलदीप बिश्नोई और कर्नाटक में जनता दल (सेक्युलर) के नेता श्रीनिवास गौड़ा ने राज्यसभा चुनावों में अपने-अपने दलों के लिए मतदान नहीं करके अपनी पार्टी के समीकरण को गड़बड़ कर दिया।

धौलपुर से विधायक कुशवाहा (48) ने कांग्रेस उम्मीदवार प्रमोद तिवारी को अपना मत दिया। कुशवाहा को भाजपा ने निलंबित कर दिया है और अपने रुख को लेकर स्पष्टीकरण देने के लिए एक कारण बताओ नोटिस जारी किया है।

दो बार की विधायक कुशवाहा पिछड़े कुशवाहा समुदाय से संबंध रखती हैं। उन्होंने भाजपा समर्थित निर्दलीय उम्मीदवार सुभाष चंद्रा को हराने के लिए कथित रूप से कांग्रेस के पक्ष में मतदान किया।

कुशवाहा ने एक बयान जारी कर आरोप लगाया कि चंद्रा द्वारा चलाए जा रहे मीडिया संस्थानों ने उनके खिलाफ अभियान चलाया था और इसलिए कुशवाहा समुदाय के सदस्यों ने उनका समर्थन नहीं किया।

कुशवाहा ने भाजपा के वरिष्ठ नेतृत्व पर धौलपुर नगर परिषद के नगर निकाय और पंचायत चुनावों में पार्टी उम्मीदवारों का समर्थन नहीं करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह टिकट लेने के लिए भाजपा के पास नहीं गई थीं, बल्कि पार्टी टिकट देने के लिए उनके पास आई थी।

कुशवाहा ने यह भी कहा कि वह ऐसी पार्टी में नहीं रहना चाहतीं, जो जानबूझकर ऐसे काम करती है, जिससे उसके अपने ही उम्मीदवार हार जाएं। उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई शुरू करने के लिए भाजपा को धन्यवाद दिया।

इस बीच, बिश्नोई ने कांग्रेस उम्मीदवार अजय माकन के पक्ष में वोट नहीं डाला और अन्य दल के उम्मीदवार को अपना मत दिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने अपनी अंतरात्मा की आवाज सुनने के बाद अपने मताधिकार का इस्तेमाल किया। कांग्रेस ने बिश्नोई को पार्टी में सभी पदों से हटा दिया है।

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