पुणे का अस्पताल कोविड-19 उपचार के लिये नयी दवा का उपयोग करेगा
यह दवा उन मरीजों को दी जाएगी, जिनकी हालत नाजुक लेकिन स्थिर है।
पुणे, 22 मार्च पुणे के सरकारी ससून सर्वोपचार अस्पताल में भर्ती कोविड-19 के कम से कम 25 मरीजों को टोसिलीजुमैब दवा दी जाएगी, जो संक्रमण के उपचार में प्रभावी साबित हुई है। एक अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
यह दवा उन मरीजों को दी जाएगी, जिनकी हालत नाजुक लेकिन स्थिर है।
नगर निगम आयुक्त शेखर गायकवाड़ ने कहा कि इस नयी दवा(इंजेक्शन) की कीमत करीब 20,000 रुपये है। यह पहले चरण में 25 मरीजों को दी जाएगी और इसके नतीजों के आधार पर पुणे नगर निगम इसके आगे के उपयोग के बारे में फैसला करेगा।
उन्होंने कहा कि डॉ. डी बी कदम की अध्यक्षता में विशेषज्ञ चिकित्सकों का एक विशेष कार्यबल बनाया गया था, जिसने मरीजों की स्थिति बिगड़ने पर इस दवा के उपयोग की सिफारिश की।
गायकवाड़ ने कहा, ‘‘इस दवा के उपयोग के लिये नैतिक टीम की मंजूरी मिलने के बाद, हमने पहले चरण में 25 रोगियों के लिये इसकी खरीदारी शुरू कर दी।’’
उन्होंने कहा कि यह दवा भारती अस्पताल में नाजुक हालत में भर्ती एक आंगनवाड़ी कार्यकर्ता को दी गई, जिसके स्वास्थ्य में उल्लेखनीय सुधार हुआ।
उन्होंने कहा कि मुंबई में नगर निकाय के अस्पताल भी कोविड-19 मरीजों के उपचार में इस दवा का उपयोग कर रहे हैं और इसके अच्छे परिणाम देखने को मिले हैं।
कार्यबल ने इस दवा का उपयोग 50 साल से कम उम्र के मरीजों में करने की सिफारिश की है।
पुणे जिला, महाराष्ट्र में कोरोना वायरस संक्रमण से दूसरा सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र है। पुणे में संक्रमण के अब तक 4,809 मामले सामने आ चुके हैं, जबकि 242 लोगों की मौत हुई है।
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