मुंबई, 19 फरवरी मुंबई की एक अदालत ने आतंकवाद के कथित वित्तपोषण मामले में दाऊद इब्राहिम गिरोह के एक सदस्य को आरोप मुक्त करने से इनकार कर दिया और कहा कि अपराध में उसकी स्पष्ट संलिप्तता दिखाने के लिए पर्याप्त सबूत हैं।
महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने अगस्त 2022 में परवेज वैद को गिरफ्तार किया था। उन्हें सूचना मिली थी कि भगोड़ा गैंगस्टर दाऊद इब्राहिम और उसका भाई अनीस देश में अपने सहयोगियों के माध्यम से आतंकवादी गतिविधियों के लिए अपराध से अर्जित धन को भारत भेज रहे हैं।
वैद पर कथित तौर पर एक आतंकवादी संगठन का सदस्य होने के कारण गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के साथ-साथ नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (एनडीपीएस) अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया था।
पिछले साल बंबई उच्च न्यायालय ने उसे जमानत दे दी थी, जिसके बाद उसने यूएपीए मामलों की विशेष अदालत में आरोप मुक्त करने के लिए आवेदन दायर किया था।
न्यायाधीश बी डी शेल्के ने मंगलवार को पारित आदेश में कहा कि गवाहों के बयानों और दस्तावेजों से "यह निष्कर्ष निकाला जा सकता है कि आरोपी के खिलाफ कार्यवाही के लिए पर्याप्त आधार हैं।”
विशेष न्यायाधीश ने कहा, “आरोपी की गतिविधियों के संबंध में रिकॉर्ड पर सामग्री उपलब्ध है...(और उसकी) धन एकत्र करने, धन भेजने और दाऊद इब्राहिम कासकर और उसके सहयोगियों के गिरोह से संबंधित कृत्यों में शामिल होने की गैरकानूनी गतिविधियों में संलिप्तता है।"
उन्होंने कहा कि गवाहों के बयान दस्तावेजी साक्ष्य, बैंक पर्चियों और खाता विवरणों में प्रविष्टियों से पुष्ट होते हैं।
वैद ने अधिवक्ता शमशेर गरुड़ और विघ्नेश अय्यर के माध्यम से दाखिल आरोपमुक्त करने के आवेदन में दलील दी कि उसके कब्जे से कोई मादक पदार्थ बरामद नहीं हुआ तथा आरोप पत्र इस बात पर मौन है कि क्या साजिश रची गई थी।
वकीलों ने दलील दी, “उसे केवल तथाकथित गुप्त सूचना और संदेह के आधार पर गिरफ्तार किया गया था, तथा आरोपों की पुष्टि किसी स्वीकार्य साक्ष्य से नहीं की गई है।"
मगर विशेष सरकारी वकील जयसिंह देसाई ने कहा कि एटीएस ने वैद के घर से दो मोबाइल फोन जब्त किए थे और पाया गया कि वह ‘सिग्नल मैसेजिंग’ ऐप के जरिए दुबई में एक अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी के संपर्क में था।
अभियोजन पक्ष ने दावा किया कि उसके फोन में एक सह-आरोपी के साथ मादक पदार्थों के कारोबार के बारे में बातचीत मिली है और इस कारोबार से अर्जित धन का इस्तेमाल भारत में आतंकवादी गतिविधियों के लिए किया गया।
(यह सिंडिकेटेड न्यूज़ फीड से अनएडिटेड और ऑटो-जेनरेटेड स्टोरी है, ऐसी संभावना है कि लेटेस्टली स्टाफ द्वारा इसमें कोई बदलाव या एडिट नहीं किया गया है)













QuickLY